विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: गणित – संख्या पद्धति विषय-वस्तु: 1.3 दशमलव
दशमलव संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिनमें दशमलव बिंदु (.) का प्रयोग होता है, जैसे 3.25, 0.75, 12.008। दशमलव बिंदु के बाईं ओर की संख्याएँ पूर्णांक भाग कहलाती हैं तथा दाईं ओर की संख्याएँ दशमलव भाग। दशमलव बिंदु के ठीक दाईं ओर का पहला अंक दशांश, दूसरा शतांश, तीसरा सहस्रांश कहलाता है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में दशमलव पर आधारित प्रश्न अधिकतर मापन, भिन्न-रूपांतरण तथा सरलीकरण से संबंधित होते हैं। टेक्नीशियन के कार्य में माप (लंबाई, चौड़ाई, व्यास), वजन और विद्युत-माप जैसे अनेक मान दशमलव में ही व्यक्त होते हैं।
दशमलव संख्याओं को भिन्न के रूप में भी लिखा जा सकता है। उदाहरण के लिए 0.5 = 5/10 = 1/2, 0.75 = 75/100 = 3/4 तथा 2.5 = 25/10 = 5/2। भिन्न से दशमलव में बदलने के लिए अंश को हर से भाग दिया जाता है। दशमलव संख्याओं की जोड़, घटाव, गुणा और भाग की संक्रियाएँ मूल संक्रियाओं पर आधारित होती हैं, परंतु दशमलव बिंदु की स्थिति का विशेष ध्यान रखना पड़ता है।
इस अध्याय में हम दशमलव का भिन्न में रूपांतरण, भिन्न का दशमलव में रूपांतरण, दशमलवों की जोड़-घटाव, गुणा-भाग, आवर्ती दशमलव (recurring decimal), दशमलवों की तुलना तथा दशमलवों पर आधारित वास्तविक जीवन के प्रश्नों का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय प्रतिशत, औसत, लाभ-हानि जैसे आगे के अध्यायों के लिए भी आधार तैयार करता है।
दशमलव संख्या को भिन्न में बदलने के लिए बिंदु के दाईं ओर जितने अंक हों, हर में उतने शून्य के साथ 1 लिखते हैं और बिंदु को हटाकर प्राप्त संख्या को अंश में रखते हैं। इसके बाद भिन्न को सरलतम रूप में लिखा जाता है।
उदाहरण 1: 0.75 को भिन्न में बदलिए।
हल: बिंदु के दाईं ओर दो अंक हैं, अतः हर = 100। अंश = 75। इस प्रकार 0.75 = 75/100 = 3/4।
उदाहरण 2: 2.5 को भिन्न में बदलिए।
हल: 2.5 = 25/10 = 5/2 = 2½। अतः 2.5 = 5/2।
आवर्ती दशमलव (Recurring Decimal): जिस दशमलव में अंकों का एक समूह बार-बार दोहराया जाता है, वह आवर्ती दशमलव कहलाता है, जैसे 0.333..., 1.2323...। इसे 0.3̄ के रूप में बिंदु लगाकर भी लिखते हैं। 0.333... = 1/3 और 0.666... = 2/3।
दशमलवों की जोड़ या घटाव करते समय दशमलव बिंदुओं को एक ऊर्ध्वाधर रेखा में संरेखित करना आवश्यक है। आवश्यकता होने पर संख्याओं के दाईं ओर शून्य जोड़कर दशमलव स्थानों की संख्या समान की जाती है।
उदाहरण 3: 12.35 + 4.5 - 3.85 ज्ञात कीजिए।
हल: पहले जोड़ — 12.35 + 4.5 = 16.85। अब 16.85 - 3.85 = 13.00 = 13। अतः उत्तर 13 है।
उदाहरण 4: 25.4 में से 12.65 घटाइए।
हल: 25.40 - 12.65 = 12.75। (ध्यान दें: 25.4 को 25.40 के रूप में लिखा गया।) अतः उत्तर 12.75 है।
गुणा करते समय सर्वप्रथम दशमलव बिंदु की अनदेखी करके सामान्य गुणा करते हैं, फिर दोनों संख्याओं के दशमलव स्थानों (बिंदु के दाईं ओर के अंकों) को जोड़कर गुणनफल में दाईं ओर से उतने अंकों के बाद बिंदु लगाते हैं। भाग करते समय भाजक को पूर्ण संख्या बनाने के लिए बिंदु को उतने स्थान आगे सरकाते हैं जितने भाजक में दशमलव स्थान हों, और भाज्य में भी उतने स्थान बिंदु आगे सरकाते हैं।
उदाहरण 5: 2.5 × 0.4 ज्ञात कीजिए।
हल: 25 × 4 = 100। दशमलव स्थान — 2.5 में 1 तथा 0.4 में 1, कुल 2। अतः 100 में दाईं ओर से दो अंकों के बाद बिंदु — 1.00 = 1। उत्तर 1 है।
उदाहरण 6: 0.75 ÷ 0.5 ज्ञात कीजिए।
हल: दोनों में दशमलव स्थान समान करने पर 0.75 ÷ 0.5 = 7.5 ÷ 5 = 1.5। अतः उत्तर 1.5 है।
दशमलव भाग में बिंदु सरकाने का नियम: किसी संख्या को 10 से गुणा करने पर बिंदु एक स्थान दाईं ओर, 100 से दो स्थान दाईं ओर सरकता है। 10 से भाग देने पर बिंदु एक स्थान बाईं ओर सरकता है।
| दशमलव | भिन्न | दशमलव | भिन्न |
|---|---|---|---|
| 0.25 | 1/4 | 0.6 | 3/5 |
| 0.5 | 1/2 | 0.75 | 3/4 |
| 0.2 | 1/5 | 0.125 | 1/8 |
| 0.4 | 2/5 | 0.8 | 4/5 |
| 0.333... | 1/3 | 0.666... | 2/3 |
| संक्रिया | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| जोड़/घटाव | बिंदु को संरेखित करें | 12.35 + 4.5 = 16.85 |
| गुणा | बिंदु अनदेखा करें, स्थान जोड़ें | 2.5 × 0.4 = 1.0 |
| भाग | भाजक को पूर्ण संख्या बनाएँ | 0.75 ÷ 0.5 = 1.5 |
| 10 से गुणा | बिंदु एक स्थान दाईं ओर | 4.2 × 10 = 42 |
| 100 से भाग | बिंदु दो स्थान बाईं ओर | 425 ÷ 100 = 4.25 |
flowchart TD
A[दशमलव] --> B[परिभाषा]
A --> C[भिन्न रूपांतरण]
A --> D[जोड़ और घटाव]
A --> E[गुणा और भाग]
A --> F[आवर्ती दशमलव]
B --> B1[पूर्णांक भाग + दशमलव भाग]
C --> C1[0.75 = 3/4]
C --> C2[2.5 = 5/2]
D --> D1[बिंदु संरेखण]
E --> E1[गुणा: स्थान जोड़ें]
E --> E2[भाग: भाजक पूर्ण बनाएँ]
F --> F1[0.3̄ = 1/3]
दशमलव संख्याएँ रोजमर्रा के गणित की भाषा हैं। इस अध्याय में हमने दशमलव की परिभाषा, भिन्न के साथ इसके रूपांतरण, जोड़-घटाव में बिंदु संरेखण, गुणा में दशमलव स्थानों की गणना तथा भाग में भाजक को पूर्ण संख्या बनाने की विधि को विस्तार से समझा। आवर्ती दशमलव की अवधारणा भी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में दशमलव के प्रश्न मुख्यतः सरलीकरण, मापन और औसत के रूप में आते हैं। दशमलव की संक्रियाओं की दृढ़ पकड़ प्रतिशत और लाभ-हानि जैसे अध्यायों को सरल बनाती है, इसलिए इसकी नियमित पुनरावृत्ति आवश्यक है।