भिन्न Notes

भिन्न

विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: गणित – संख्या पद्धति विषय-वस्तु: 1.4 भिन्न

1. परिचय

भिन्न गणित की वह मूलभूत अवधारणा है जिसमें किसी पूर्ण वस्तु को समान भागों में विभाजित कर उसके कुछ भाग को व्यक्त किया जाता है। भिन्न का रूप p/q होता है, जहाँ p अंश (numerator) तथा q हर (denominator) कहलाता है और q ≠ 0 होता है। उदाहरण के लिए 3/4 में 3 अंश तथा 4 हर है, जिसका अर्थ है पूर्ण के चार समान भागों में से तीन भाग। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में भिन्न पर आधारित प्रश्न प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सदैव आते हैं। माप, मशीन भागों के अनुपात तथा सामग्री की मात्रा भिन्नों में ही व्यक्त की जाती है।

भिन्नों के अनेक प्रकार होते हैं — उचित भिन्न, अनुचित भिन्न, मिश्रित भिन्न, तुल्य भिन्न, इकाई भिन्न तथा दशमलव भिन्न। जिस भिन्न में अंश हर से छोटा होता है, वह उचित भिन्न कहलाती है, जैसे 2/3। जिसमें अंश हर से बड़ा या बराबर होता है, वह अनुचित भिन्न है, जैसे 7/4। मिश्रित भिन्न में पूर्णांक और उचित भिन्न का मेल होता है, जैसे 2½ अर्थात 5/2। तुल्य भिन्न वे होती हैं जिनका मान समान होता है, जैसे 1/2 = 2/4 = 3/6।

इस अध्याय में हम भिन्नों के प्रकार, उनकी तुलना, जोड़-घटाव, गुणा-भाग, मिश्रित भिन्न का रूपांतरण तथा भिन्नों पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को हल करने की विधि का अध्ययन करेंगे। भिन्नों की संक्रियाओं में हर का LCM निकालना तथा सरलतम रूप में बदलना प्रमुख कौशल हैं, जिनके अभ्यास से परीक्षा में शीघ्र हल होने वाले प्रश्नों में अंक अर्जित किए जा सकते हैं।

2. भिन्नों के प्रकार और रूपांतरण

उचित भिन्न (Proper Fraction): अंश < हर, जैसे 3/7, 5/9। इनका मान सदैव 1 से कम होता है।

अनुचित भिन्न (Improper Fraction): अंश ≥ हर, जैसे 7/4, 9/5। इनका मान 1 से बड़ा या बराबर होता है।

मिश्रित भिन्न (Mixed Fraction): पूर्णांक + उचित भिन्न, जैसे 2½। मिश्रित भिन्न को अनुचित भिन्न में बदलने का सूत्र: (पूर्णांक × हर + अंश)/हर।

तुल्य भिन्नें (Equivalent Fractions): अंश और हर को एक ही संख्या से गुणा या भाग करने पर प्राप्त होती हैं। 1/2, 2/4, 4/8 सभी तुल्य भिन्नें हैं।

इकाई भिन्न (Unit Fraction): जिस भिन्न का अंश 1 हो, जैसे 1/2, 1/5।

उदाहरण 1: मिश्रित भिन्न 3¼ को अनुचित भिन्न में बदलिए।

हल: सूत्र (पूर्णांक × हर + अंश)/हर = (3 × 4 + 1)/4 = 13/4। अतः 3¼ = 13/4।

उदाहरण 2: अनुचित भिन्न 17/5 को मिश्रित भिन्न में बदलिए।

हल: 17 को 5 से भाग दें — भागफल 3, शेष 2। मिश्रित भिन्न = 3 + 2/5 = 3⅖। अतः 17/5 = 3⅖।

3. भिन्नों की जोड़ और घटाव

समान हर वाली भिन्नों की जोड़-घटाव में केवल अंशों का योग-अंतर किया जाता है और हर को यथावत रखा जाता है। भिन्न-भिन्न हर वाली भिन्नों के लिए पहले सभी हरों का LCM निकालकर समान हर बनाया जाता है।

उदाहरण 3: 2/7 + 3/7 ज्ञात कीजिए।

हल: हर समान है, अतः (2 + 3)/7 = 5/7। उत्तर 5/7 है।

उदाहरण 4: 2/3 + 1/4 ज्ञात कीजिए।

हल: 3 और 4 का LCM = 12। 2/3 = 8/12 तथा 1/4 = 3/12। योग = (8 + 3)/12 = 11/12। उत्तर 11/12 है।

उदाहरण 5: 5/6 - 1/3 ज्ञात कीजिए।

हल: 6 और 3 का LCM = 6। 5/6 = 5/6 तथा 1/3 = 2/6। अंतर = (5 - 2)/6 = 3/6 = 1/2। उत्तर 1/2 है।

4. भिन्नों की गुणा और भाग

भिन्नों की गुणा में अंश का अंश से तथा हर का हर से गुणा किया जाता है। भाग में दूसरी भिन्न का व्युत्क्रम (reciprocal) लेकर गुणा किया जाता है। गुणा से पहले आड़ा-तिरछा (cross-cancel) करना गणना को सरल बनाता है।

उदाहरण 6: 2/3 × 9/4 ज्ञात कीजिए।

हल: (2 × 9)/(3 × 4) = 18/12 = 3/2 = 1½। अतः उत्तर 3/2 है।

उदाहरण 7: 3/4 ÷ 2/5 ज्ञात कीजिए।

हल: 3/4 ÷ 2/5 = 3/4 × 5/2 = 15/8 = 1⅞। अतः उत्तर 15/8 है।

भिन्न की तुलना: दो भिन्नों की तुलना के लिए हरों का LCM लेकर समान हर बनाएँ; जिसका अंश बड़ा, वही भिन्न बड़ी। उदाहरण — 3/4 और 5/6 में, LCM 12, 3/4 = 9/12 और 5/6 = 10/12, अतः 5/6 बड़ा है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: भिन्नों के प्रकार

प्रकार परिभाषा उदाहरण
उचित भिन्न अंश < हर 3/7, 5/9
अनुचित भिन्न अंश ≥ हर 7/4, 9/5
मिश्रित भिन्न पूर्णांक + उचित भिन्न 2½ = 5/2
तुल्य भिन्नें समान मान वाली 1/2 = 2/4 = 4/8
इकाई भिन्न अंश = 1 1/2, 1/8
दशमलव भिन्न हर 10 की घात 3/10, 25/100

तालिका 2: भिन्नों की संक्रियाएँ

संक्रिया विधि उदाहरण
जोड़ हर का LCM लेकर 2/3 + 1/4 = 11/12
घटाव हर का LCM लेकर 5/6 - 1/3 = 1/2
गुणा अंश×अंश, हर×हर 2/3 × 9/4 = 3/2
भाग व्युत्क्रम लेकर गुणा 3/4 ÷ 2/5 = 15/8

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[भिन्न] --> B[परिभाषा p/q]
    A --> C[प्रकार]
    A --> D[संक्रियाएँ]
    A --> E[तुलना]
    C --> C1[उचित 3/7]
    C --> C2[अनुचित 7/4]
    C --> C3[मिश्रित 2½]
    C --> C4[इकाई 1/2]
    D --> D1[जोड़: LCM]
    D --> D2[घटाव: LCM]
    D --> D3[गुणा: अंश×अंश]
    D --> D4[भाग: व्युत्क्रम]
    E --> E1[समान हर बनाकर]

7. महत्वपूर्ण चित्र (SVG)

भिन्न 3/4 का ज्यामितीय निरूपण 4 समान भागों में से 3 भाग छायांकित = 3/4 स्वर्ण नियम भिन्न का अंश लिए गए भाग और हर कुल समान भागों को दर्शाता है।

भिन्नों की जोड़ की विधि 2/3 + 1/4 हर 3 और 4 का LCM = 12 2/3 = 8/12, 1/4 = 3/12 प्रत्येक भिन्न को समान हर में बदलें (8 + 3)/12 अंशों का योग, हर यथावत 11/12 पहले से सरलतम रूप में स्वर्ण नियम भिन्नों की जोड़-घटाव में हरों का LCM निकालना पहला चरण है।

8. सामान्य त्रुटियाँ

  1. जोड़-घटाव में बिना LCM लिए सीधे अंशों और हरों का योग करना, जैसे 2/3 + 1/4 = 3/7 लिखना।
  2. भाग में दूसरी भिन्न का व्युत्क्रम लेना भूल जाना।
  3. मिश्रित भिन्न को अनुचित भिन्न में बदलते समय पूर्णांक को हर से गुणा करना भूल जाना।
  4. गुणा के बाद प्राप्त भिन्न को सरलतम रूप में न लिखना।
  5. ऋणात्मक भिन्नों में चिह्न की गलती करना; -3/4 + 1/2 = -1/4 होता है।
  6. तुलना करते समय अंश या हर की बड़ाई के आधार पर सीधा अनुमान लगाना।
  7. भिन्न और दशमलव रूपांतरण में 0.5 को 5/8 समझना।
  8. भाग के बाद यह भूलना कि उत्तर को मिश्रित भिन्न में भी बदला जा सकता है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. जोड़-घटाव में हमेशा हर का LCM लें और अंतिम उत्तर सरलतम रूप में लिखें।
  2. भाग के प्रश्न में दूसरी भिन्न को पलटकर गुणा करें — "पलटो और गुणो"।
  3. गुणा से पहले आड़ा-तिरछा कटाव करके गणना आसान बनाएँ, जैसे 2/3 × 9/4 में 2 और 4 का कटाव।
  4. मिश्रित भिन्न के प्रश्न में पहले उसे अनुचित भिन्न में बदलें, फिर संक्रिया करें।
  5. भिन्नों की तुलना में समान हर बनाकर ही अंशों की तुलना करें।
  6. 1/2, 1/3, 2/3, 3/4, 4/5 जैसी महत्वपूर्ण भिन्नों के दशमलव मान याद रखें।
  7. शब्द समस्या में "का" (of) का अर्थ गुणा है, इसलिए 2/3 का 120 = 80 होता है।

10. निष्कर्ष

भिन्न गणित की सबसे व्यावहारिक अवधारणाओं में से एक है। इस अध्याय में हमने भिन्न की परिभाषा, उसके प्रकार — उचित, अनुचित, मिश्रित, तुल्य और इकाई भिन्न — तथा मिश्रित और अनुचित भिन्नों के आपसी रूपांतरण को समझा। भिन्नों की जोड़-घटाव में LCM की विधि, गुणा में अंश-हर का गुणा तथा भाग में व्युत्क्रम का प्रयोग सीखा। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में भिन्नों के प्रश्न सरल होते हैं परंतु त्रुटि-प्रवण होते हैं, अतः सावधानी और अभ्यास दोनों आवश्यक हैं। भिन्नों की दृढ़ पकड़ LCM-HCF, अनुपात-समानुपात और प्रतिशत जैसे अध्यायों में सीधी सहायता करती है।