विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: तर्कशक्ति – श्रृंखला और समानता विषय-वस्तु: 6.6 संख्या पैटर्न
संख्या पैटर्न (Number Pattern) तर्कशक्ति का वह भाग है जिसमें संख्याओं के बीच स्थापित विशेष संबंधों को पहचानकर लुप्त या अगला मान ज्ञात करना होता है। संख्या श्रृंखला में संख्याएँ एक सीधे क्रम में होती हैं, जबकि संख्या पैटर्न में संख्याओं को कभी त्रिकोण, कभी वर्ग, कभी वृत्त और कभी मैट्रिक्स (आव्यूह) के रूप में व्यवस्थित किया जाता है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में संख्या पैटर्न से 1 से 3 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो सामान्यतः पहेली-प्रकार के होते हैं।
संख्या पैटर्न के प्रश्नों में सबसे महत्वपूर्ण कार्य संख्याओं के बीच के संबंध का निर्धारण है। कभी पहली दो संख्याओं के गुणनफल से तीसरी संख्या बनती है, तो कभी योगफल से। उदाहरण के लिए, यदि किसी आकृति में ऊपर की संख्या नीचे की दो संख्याओं का गुणनफल है, तो वही नियम दूसरी आकृति पर भी लागू होगा। संबंध जोड़, घटाव, गुणा, भाग, वर्ग, घन या इनके मिश्रण का हो सकता है। नियम की पहचान के लिए सभी संख्याओं के बीच परस्पर संबंधों की जाँच करनी पड़ती है।
इस अध्याय में हम संख्या पैटर्न के प्रमुख रूपों — द्विपद-त्रिपद संबंध, त्रिकोणीय पैटर्न, वर्ग-आव्यूह पैटर्न, गुणन-योग संबंध और घन-वर्ग पैटर्न — का अध्ययन करेंगे। हल किए गए उदाहरणों, पुनरावृत्ति तालिकाओं, माइंड मैप और अभ्यास युक्तियों के माध्यम से हम पैटर्न पहचानने में दक्ष बनेंगे। सामान्य त्रुटियों की पहचान हमें परीक्षा में सावधानी बरतने में सहायता करेगी।
संख्या पैटर्न में संबंध की पहचान करने के लिए निम्न क्रम में जाँच करें।
पहली जाँच — सरल संक्रियाएँ: पहले जोड़, घटाव, गुणा, भाग की जाँच करें। उदाहरण के लिए यदि तीन संख्याएँ दी हैं और पहली दो के गुणनफल से तीसरी बनती है, तो वही नियम दूसरे समूह पर लागू होगा।
दूसरी जाँच — वर्ग और घन: यदि सरल संक्रिया से संबंध न बने तो वर्ग या घन की जाँच करें। जैसे 3 : 9 : 27 में 9 तीन का वर्ग है और 27 तीन का घन। ऐसे में संबंध स्पष्ट है।
तीसरी जाँच — मिश्रित संक्रिया: गुणा और जोड़, वर्ग और घटाव जैसे मिश्रण की जाँच करें। उदाहरण के लिए (पहली × दूसरी) - तीसरी = चौथी।
चौथी जाँच — सममित संबंध: कभी-कभी संख्याएँ सममित रूप से व्यवस्थित होती हैं, जैसे एक वर्ग की चारों भुजाओं पर संख्याएँ और केंद्र में उनका संबंध।
उदाहरण 1: यदि 3 : 12 : 48 है, तो 5 : ? : 80 ज्ञात कीजिए।
हल: 3 × 4 = 12 और 12 × 4 = 48। अतः नियम ×4 है। 5 × 4 = 20 और 20 × 4 = 80। अतः लुप्त संख्या 20 है।
उदाहरण 2: यदि 2, 4, 16 का संबंध गुणन पर आधारित है (2×4 = 8 नहीं, 4² = 16), तो दूसरे समूह 3, 9, ? में लुप्त संख्या क्या होगी?
हल: नियम दूसरी संख्या का वर्ग = तीसरी संख्या है (4² = 16)। अतः 9² = 81। उत्तर 81 है।
त्रिकोणीय पैटर्न: इसमें त्रिकोण के कोनों पर संख्याएँ होती हैं और केंद्र में परिणाम। जैसे त्रिकोण के तीनों कोनों की संख्याओं का गुणनफल या योग केंद्र में होता है।
आव्यूह (Matrix) पैटर्न: इसमें संख्याओं को पंक्तियों और स्तंभों में व्यवस्थित किया जाता है। हर पंक्ति में एक ही नियम लागू होता है। उदाहरण के लिए किसी पंक्ति में पहली और दूसरी संख्या का गुणनफल तीसरी होती है।
उदाहरण 3: यदि आव्यूह में पहली पंक्ति 2, 3, 6 है और दूसरी पंक्ति 4, 5, 20 है, तो तीसरी पंक्ति 7, 8, ? में लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: पहली पंक्ति में 2 × 3 = 6 और दूसरी में 4 × 5 = 20। अतः तीसरी में 7 × 8 = 56। उत्तर 56 है।
उदाहरण 4: यदि किसी त्रिकोण के कोनों पर 2, 3, 5 और केंद्र में 30 है, तथा दूसरे त्रिकोण के कोनों पर 4, 2, 6 और केंद्र में 48 है, तो तीसरे त्रिकोण के कोनों 3, 5, 4 पर केंद्र की संख्या क्या होगी?
हल: पहले त्रिकोण में 2 × 3 × 5 = 30 और दूसरे में 4 × 2 × 6 = 48। अतः नियम तीनों का गुणनफल है। तीसरे में 3 × 5 × 4 = 60। उत्तर 60 है।
उदाहरण 5: यदि 5 : 26 :: 7 : ? है, तो लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: नियम 5² + 1 = 26 है। अतः 7² + 1 = 50। उत्तर 50 है।
उदाहरण 6: यदि 4 : 16 : 64 है, तो 3 : 9 : ? ज्ञात कीजिए।
हल: 4 का वर्ग 16 और घन 64 है। अतः 3 का वर्ग 9 और घन 27। उत्तर 27 है।
उदाहरण 7: यदि 6 : 12 :: 9 : ? है, तो लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: नियम ×2 है (6 × 2 = 12)। अतः 9 × 2 = 18। उत्तर 18 है।
उदाहरण 8: आव्यूह 3, 7, 10 / 5, 9, 14 / 8, 6, ? में लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: पहली पंक्ति 3 + 7 = 10, दूसरी 5 + 9 = 14। अतः तीसरी 8 + 6 = 14। उत्तर 14 है।
उदाहरण 9: यदि 9 : 81 :: 12 : ? है, तो लुप्त संख्या ज्ञात कीजिए।
हल: नियम वर्ग है (9² = 81)। अतः 12² = 144। उत्तर 144 है।
| संबंध | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| गुणन | पहली × दूसरी = तीसरी | 2, 3, 6 |
| योग | पहली + दूसरी = तीसरी | 3, 7, 10 |
| वर्ग | n → n² | 4, 16 |
| घन | n → n³ | 4, 64 |
| वर्ग + 1 | n² + 1 | 5, 26 |
| गुणनफल तीनों | a × b × c | 2, 3, 5 → 30 |
| संख्या | वर्ग | घन | वर्ग + 1 |
|---|---|---|---|
| 3 | 9 | 27 | 10 |
| 4 | 16 | 64 | 17 |
| 5 | 25 | 125 | 26 |
| 6 | 36 | 216 | 37 |
| 7 | 49 | 343 | 50 |
| 8 | 64 | 512 | 65 |
flowchart TD
A[संख्या पैटर्न] --> B[सरल संक्रियाएँ]
A --> C[वर्ग-घन]
A --> D[आकृति पैटर्न]
A --> E[मिश्रित संक्रियाएँ]
B --> B1[जोड़-घटाव]
B --> B2[गुणा-भाग]
C --> C1[n² वर्ग]
C --> C2[n³ घन]
D --> D1[त्रिकोणीय]
D --> D2[आव्यूह]
E --> E1[वर्ग + 1]
संख्या पैटर्न तर्कशक्ति का वह भाग है जो संख्याओं के बीच के छिपे संबंधों को पहचानने की क्षमता की परीक्षा लेता है। इस अध्याय में हमने सरल संक्रियाओं, वर्ग-घन, मिश्रित संक्रियाओं, त्रिकोणीय और आव्यूह पैटर्न को पहचानना तथा हल करना सीखा। सबसे महत्वपूर्ण सीख यह रही कि नियम को पहले दो समूहों पर सत्यापित करके ही लक्ष्य समूह पर लागू करना चाहिए। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में ये प्रश्न पहेली-शैली के होते हैं और सही विधि से बहुत कम समय में हल हो जाते हैं। वर्ग-घन की तालिका और संबंधों की जाँच के क्रम को अपनाकर अभ्यर्थी इस विषय में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकता है। यह अध्याय समानता और मिश्रित श्रृंखला की नींव को और मजबूत करता है।