विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: भौतिकी – यांत्रिकी विषय-वस्तु: 11.1 इकाइयाँ और मापन
भौतिकी का प्रत्येक नियम, प्रत्येक सूत्र और प्रत्येक संख्यात्मक प्रश्न अंततः मापन पर ही निर्भर करता है। मापन का अर्थ है किसी अज्ञात राशि की तुलना उसी प्रकार की एक ज्ञात मानक राशि से करना। यह ज्ञात मानक राशि ही इकाई कहलाती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी रेलवे ट्रैक की लंबाई 200 मीटर कही जाती है, तो इसका अर्थ है कि ट्रैक की लंबाई एक मीटर नामक मानक लंबाई की 200 गुनी है। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में इकाइयों और मापन से प्रतिवर्ष 2 से 4 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें SI इकाई, आधार तथा व्युत्पन्न इकाई और रूपांतरण से संबंधित प्रश्न प्रमुख होते हैं।
विज्ञान के इतिहास में सबसे पहले विभिन्न क्षेत्रों में लंबाई, द्रव्यमान और समय के लिए अलग-अलग मानक प्रचलित थे, जिससे व्यापार और विज्ञान दोनों में अत्यधिक भ्रम पैदा होता था। इस समस्या के समाधान के लिए 1960 ईस्वी में भार और माप पर आयोजित सामान्य सम्मेलन ने एक अंतरराष्ट्रीय इकाई प्रणाली को अपनाया, जिसे SI प्रणाली कहा जाता है। SI का पूर्ण रूप फ्रांसीसी भाषा के शब्दों से लिया गया है, जिसका अर्थ है अंतरराष्ट्रीय इकाई प्रणाली। आज विश्व के लगभग सभी देश, जिनमें भारत भी शामिल है, इसी प्रणाली का उपयोग करते हैं।
इस अध्याय में हम SI प्रणाली की सात आधार राशियों और उनकी इकाइयों, व्युत्पन्न इकाइयों के निर्माण की विधि, विशाल तथा सूक्ष्म मानों के लिए उपयोग होने वाले उपसर्गों और इकाई रूपांतरण की विधियों का अध्ययन करेंगे। इसके साथ ही मापन में होने वाली त्रुटियों और सार्थक अंकों की अवधारणा को भी समझेंगे। यह अध्याय भौतिकी के संपूर्ण पाठ्यक्रम की नींव है, क्योंकि गति, बल, कार्य, ऊर्जा और गुरुत्वाकर्षण जैसे सभी अध्यायों में यहीं की इकाइयों का प्रयोग होता है।
SI प्रणाली सात आधार राशियों पर आधारित है, जिन्हें अन्य राशियों के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता। लंबाई की SI इकाई मीटर (m) है, जिसे प्रकाश द्वारा एक निर्वात में एक निश्चित भिन्नात्मक सेकंड में तय की गई दूरी के रूप में परिभाषित किया गया है। द्रव्यमान की SI इकाई किलोग्राम (kg) है, जिसे प्लांक नियतांक के संदर्भ में परिभाषित किया जाता है। समय की SI इकाई सेकंड (s) है, जो सीज़ियम परमाणु के कंपन के आधार पर निर्धारित होती है।
शेष चार आधार राशियाँ हैं — विद्युत धारा जिसकी इकाई एम्पीयर (A) है, ऊष्मागतिक ताप जिसकी इकाई केल्विन (K) है, पदार्थ की मात्रा जिसकी इकाई मोल (mol) है, और ज्योति तीव्रता जिसकी इकाई कैंडेला (cd) है। इन सात इकाइयों से ही संपूर्ण SI प्रणाली का निर्माण होता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि डिग्री सेल्सियस ताप की व्यावहारिक इकाई है, परंतु ताप की SI इकाई केल्विन ही है। दाब, बल, ऊर्जा, शक्ति जैसी सभी व्युत्पन्न राशियों की इकाइयाँ इन्हीं आधार इकाइयों के संयोजन से बनती हैं।
उदाहरण 1: एक रेलवे पुल की लंबाई 1.5 किलोमीटर है। इसे मीटर तथा सेंटीमीटर में व्यक्त कीजिए।
हल: 1 किलोमीटर = 1000 मीटर। अतः 1.5 किमी = 1.5 × 1000 = 1500 मीटर। अब 1 मीटर = 100 सेमी, अतः 1500 मीटर = 1500 × 100 = 150000 सेमी। उत्तर 1500 मीटर तथा 150000 सेमी है।
प्रकृति में भौतिक राशियों का मान अत्यंत विशाल से लेकर अत्यंत सूक्ष्म तक हो सकता है, जैसे दो तारों के बीच की दूरी अरबों किलोमीटर होती है जबकि परमाणु का आकार केवल कुछ पिकोमीटर होता है। इन मानों को सुविधाजनक ढंग से लिखने के लिए SI प्रणाली उपसर्गों का प्रयोग करती है, जो दस की घातों के गुणक होते हैं। किलो (k) का अर्थ 1000 गुना, हेक्टो (h) का अर्थ 100 गुना, डेका (da) का अर्थ 10 गुना होता है। इसी प्रकार डेसी (d) का अर्थ दसवाँ भाग, सेंटी (c) का अर्थ सौवाँ भाग तथा मिली (m) का अर्थ हजारवाँ भाग होता है।
इसके अतिरिक्त सूक्ष्म मानों के लिए माइक्रो (µ) जो एक दस लाखवाँ भाग है, नैनो (n) जो एक अरबवाँ भाग है और पिको (p) जो एक खरबवाँ भाग है, का उपयोग होता है। उदाहरण के लिए, 1 किलोमीटर = 1000 मीटर, 1 मिलीमीटर = 0.001 मीटर, 1 माइक्रोमीटर = 10 का घात -6 मीटर और 1 नैनोमीटर = 10 का घात -9 मीटर होता है। इकाई रूपांतरण के लिए मूल नियम यह है कि छोटी इकाई से बड़ी इकाई में जाने पर भाग दिया जाता है, जबकि बड़ी इकाई से छोटी इकाई में जाने पर गुणा किया जाता है।
चाल के रूपांतरण के लिए सबसे महत्वपूर्ण सूत्र यह है कि 1 किमी/घंटा = 5/18 मीटर/सेकंड। उदाहरण के लिए, 72 किमी/घंटा को मीटर/सेकंड में बदलने के लिए 72 को 5/18 से गुणा करते हैं, जिससे 72 × 5/18 = 20 मीटर/सेकंड प्राप्त होता है। इसी प्रकार विपरीत दिशा में जाने पर मीटर/सेकंड को 18/5 से गुणा किया जाता है।
उदाहरण 2: एक ट्रेन 90 किमी/घंटा की चाल से चल रही है। इसकी चाल को मीटर/सेकंड में बदलिए।
हल: 1 किमी/घंटा = 5/18 मीटर/सेकंड। अतः 90 किमी/घंटा = 90 × 5/18 = 25 मीटर/सेकंड। उत्तर 25 मीटर/सेकंड है।
प्रत्येक भौतिक राशि को द्रव्यमान (M), लंबाई (L), समय (T) आदि आधार विमाओं की घातों के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जिसे उस राशि का विमीय सूत्र कहते हैं। उदाहरण के लिए, वेग का विमीय सूत्र M के घात 0, L के घात 1, T के घात -1 अर्थात M0 L1 T-1 होता है। त्वरण का विमीय सूत्र M0 L1 T-2 तथा बल का विमीय सूत्र M1 L1 T-2 होता है। विमीय विश्लेषण की सहायता से किसी समीकरण की सत्यता की जाँच की जा सकती है, क्योंकि वैध समीकरण के दोनों पक्षों की विमाएँ समान होनी चाहिए।
मापन कभी भी पूर्णतः सटीक नहीं होता। शुद्धता का अर्थ है मापा गया मान वास्तविक मान के कितना निकट है, जबकि परिशुद्धता का अर्थ है बार-बार किए गए मापों में आपसी निकटता। मापन की त्रुटियाँ दो प्रकार की होती हैं — यथास्थिति त्रुटियाँ जो उपकरणों की खराबी या विधि की कमियों के कारण नियमित रूप से होती हैं, और यादृच्छिक त्रुटियाँ जो अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव के कारण होती हैं। यादृच्छिक त्रुटियों को अनेक माप लेकर उनका औसत निकालने से कम किया जा सकता है। निरपेक्ष त्रुटि मापे गए मान और वास्तविक मान का अंतर है, जबकि प्रतिशत त्रुटि निरपेक्ष त्रुटि को वास्तविक मान से भाग देकर 100 से गुणा करने पर प्राप्त होती है। सार्थक अंक किसी मापन के विश्वसनीय अंकों को दर्शाते हैं।
उदाहरण 3: किसी ट्रैक की लंबाई तीन बार मापने पर 100.2 मीटर, 100.4 मीटर और 100.3 मीटर प्राप्त होते हैं। औसत लंबाई ज्ञात कीजिए।
हल: औसत = (100.2 + 100.4 + 100.3) ÷ 3 = 300.9 ÷ 3 = 100.3 मीटर। अतः ट्रैक की औसत लंबाई 100.3 मीटर है।
| आधार राशि | SI इकाई | प्रतीक |
|---|---|---|
| लंबाई | मीटर | m |
| द्रव्यमान | किलोग्राम | kg |
| समय | सेकंड | s |
| विद्युत धारा | एम्पीयर | A |
| ऊष्मागतिक ताप | केल्विन | K |
| पदार्थ की मात्रा | मोल | mol |
| ज्योति तीव्रता | कैंडेला | cd |
| राशि | सूत्र | SI इकाई |
|---|---|---|
| वेग | दूरी ÷ समय | मीटर/सेकंड (m/s) |
| त्वरण | वेग ÷ समय | m/s² |
| बल | द्रव्यमान × त्वरण | न्यूटन (N) |
| कार्य | बल × दूरी | जूल (J) |
| शक्ति | कार्य ÷ समय | वाट (W) |
| दाब | बल ÷ क्षेत्रफल | पास्कल (Pa) |
| उपसर्ग | गुणक | उदाहरण |
| किलो (k) | 1000 | 1 km = 1000 m |
| मिली (m) | 1/1000 | 1 mm = 0.001 m |
| माइक्रो (µ) | 10⁻⁶ | 1 µm = 10⁻⁶ m |
| नैनो (n) | 10⁻⁹ | 1 nm = 10⁻⁹ m |
flowchart TD
A[इकाइयाँ और मापन] --> B[SI आधार राशियाँ]
A --> C[व्युत्पन्न इकाइयाँ]
A --> D[उपसर्ग]
A --> E[विमीय विश्लेषण]
A --> F[त्रुटि और सार्थक अंक]
B --> B1[लंबाई मीटर]
B --> B2[द्रव्यमान किलोग्राम]
B --> B3[समय सेकंड]
B --> B4[धारा एम्पीयर]
B --> B5[ताप केल्विन]
C --> C1[बल N = kg m/s2]
C --> C2[कार्य J = N m]
C --> C3[शक्ति W = J/s]
D --> D1[किलो मिली माइक्रो नैनो]
E --> E1[समीकरण सत्यता की जाँच]
F --> F1[यथास्थिति त्रुटि]
F --> F2[यादृच्छिक त्रुटि]
इकाइयाँ और मापन संपूर्ण भौतिकी की आधारशिला है। इस अध्याय में हमने SI प्रणाली की सात आधार राशियों, उनसे निर्मित व्युत्पन्न इकाइयों, उपसर्गों के उपयोग तथा इकाई रूपांतरण की विधियों को विस्तार से समझा। हमने विमीय विश्लेषण, त्रुटि के प्रकार, सार्थक अंक तथा शुद्धता और परिशुद्धता के बीच के अंतर का भी अध्ययन किया। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 परीक्षा में यह अध्याय सरल और निश्चित अंक देने वाला है। इन्हीं इकाइयों और रूपांतरणों का प्रयोग गति, बल, कार्य-ऊर्जा, गुरुत्वाकर्षण जैसे सभी आगामी अध्यायों में होता है, इसलिए इस अध्याय की दृढ़ पकड़ पूरे भौतिकी खंड में सफलता की कुंजी है। नियमित अभ्यास के साथ इकाइयों को कंठस्थ करने से परीक्षा में सरलता से अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।