15.4 विस्थापन अभिक्रिया Notes

15.4 विस्थापन अभिक्रिया

विषय: रेलवे ग्रुप D – रसायन विज्ञान (अभिक्रियाएँ और रासायनिक गुण) अध्याय: 15.4 विस्थापन अभिक्रिया विषय-वस्तु: विस्थापन अभिक्रिया उदाहरण

1. परिचय

विस्थापन अभिक्रिया वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें एक अधिक क्रियाशील तत्व, किसी यौगिक में उपस्थित कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से बाहर निकालकर (विस्थापित करके) उसका स्थान ले लेता है। इसका सामान्य रूप A + BC → AC + B है, जिसमें तत्व A यौगिक BC में से B को विस्थापित करके AC बनाता है। यह इस शर्त पर निर्भर करता है कि A, B से अधिक क्रियाशील हो। उदाहरण के लिए जब जिंक की छड़ को तांबे के सल्फेट के नीले घोल में डुबोते हैं, तो घोल का रंग नीला से हरा हो जाता है और जिंक पर तांबे की लाल-भूरी परत जम जाती है।

विस्थापन अभिक्रिया की क्रियाशीलता तत्वों की 'धातु क्रियाशीलता श्रेणी' (Metal Activity Series) पर निर्भर करती है। इस श्रेणी में धातुओं को उनकी अभिक्रियाशीलता के घटते क्रम में व्यवस्थित किया गया है। पोटेशियम सबसे ऊपर अर्थात सबसे अधिक क्रियाशील और सोना सबसे नीचे अर्थात सबसे कम क्रियाशील है। कोई भी ऊपर की धातु, नीचे की धातु को उसके लवण के घोल से विस्थापित कर सकती है, परंतु नीचे की धातु ऊपर की धातु को विस्थापित नहीं कर सकती।

RRB ग्रुप D की परीक्षा में विस्थापन अभिक्रिया के उदाहरण, कौन-सी धातु किसे विस्थापित करेगी, तथा क्रियाशीलता श्रेणी के क्रम पर आधारित प्रश्न अत्यधिक पूछे जाते हैं। Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu तथा Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu जैसे समीकरण परीक्षा में बार-बार आते हैं। इस अध्याय में हम क्रियाशीलता श्रेणी, विस्थापन के नियम तथा इसके महत्वपूर्ण उदाहरणों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

2. विस्थापन अभिक्रिया की परिभाषा और क्रियाशीलता श्रेणी

विस्थापन अभिक्रिया में अधिक क्रियाशील तत्व, कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है। इसका सामान्य रूप है:

जहाँ A अधिक क्रियाशील और B कम क्रियाशील तत्व है। धातुओं की घटती क्रियाशीलता का क्रम 'क्रियाशीलता श्रेणी' कहलाता है:

इस श्रेणी की मुख्य बातें:

इस श्रेणी के आधार पर ही विस्थापन अभिक्रिया होती है या नहीं, यह तय होता है। यदि अभिकारक तत्व श्रेणी में लवण की धातु से ऊपर है, तो विस्थापन होगा, अन्यथा नहीं।

3. विस्थापन अभिक्रिया के प्रमुख उदाहरण

विस्थापन अभिक्रियाओं के महत्वपूर्ण उदाहरण निम्न हैं:

इन उदाहरणों में विशेष ध्यान देने योग्य बात यह है कि क्रियाशीलता श्रेणी में ऊपर की धातु ही विस्थापन करती है। जैसे Zn + CuSO4 में जिंक तांबे से ऊपर है, इसलिए तांबा विस्थापित होता है। इसके विपरीत Cu + ZnSO4 जैसी अभिक्रिया नहीं होती, क्योंकि तांबा जिंक से कम क्रियाशील है।

4. कार्य उदाहरण और उपयोग

उदाहरण 1: यदि तांबे की कील को जिंक सल्फेट के घोल में डुबोया जाए तो क्या होगा? - उत्तर: कुछ नहीं होगा, क्योंकि तांबा (Cu) जिंक (Zn) से कम क्रियाशील है। - श्रेणी में Zn, Cu से ऊपर है, अतः Cu, Zn को विस्थापित नहीं कर सकता। - यह अभिक्रिया नहीं होती।

उदाहरण 2: लोहे की कील को तांबे के सल्फेट के घोल में डुबोया जाता है। क्या परिवर्तन दिखाई देंगे? - उत्तर: हाँ। कील पर तांबे की लाल-भूरी परत जम जाएगी और नीले घोल का रंग हल्का हरा हो जाएगा। - समीकरण: Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s) - क्योंकि Fe श्रेणी में Cu से ऊपर है, विस्थापन होता है।

उदाहरण 3: निम्न में से कौन-सी अभिक्रिया संपन्न होगी? (a) Cu + FeSO4 (b) Zn + FeSO4 - उत्तर: (b) Zn + FeSO4 → ZnSO4 + Fe संपन्न होगी, क्योंकि Zn, Fe से अधिक क्रियाशील है। - (a) Cu + FeSO4 नहीं होगी, क्योंकि Cu, Fe से कम क्रियाशील है।

विस्थापन अभिक्रियाओं के औद्योगिक उपयोग भी महत्वपूर्ण हैं। थर्माइट अभिक्रिया (2Al + Fe2O3 → Al2O3 + 2Fe) से अत्यधिक ऊष्मा निकलती है, जिससे रेल की पटरियों के टूटे हुए हिस्सों को जोड़ा जाता है। इसी सिद्धांत पर धातुओं को उनके अयस्कों से निकालने में विस्थापन अभिक्रिया का उपयोग होता है। धातु-कचरा प्रबंधन तथा लोहे पर तांबा या जस्ता चढ़ाने जैसी प्रक्रियाओं में भी विस्थापन अभिक्रिया उपयोगी है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

क्रम विस्थापन अभिक्रिया विस्थापित धातु
1 Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu तांबा (Cu)
2 Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu तांबा (Cu)
3 Mg + CuSO4 → MgSO4 + Cu तांबा (Cu)
4 Cu + 2AgNO3 → Cu(NO3)2 + 2Ag सिल्वर (Ag)
5 2Al + Fe2O3 → Al2O3 + 2Fe लोहा (Fe)
6 2Na + 2H2O → 2NaOH + H2 हाइड्रोजन (H2)

तालिका 2

धातु क्रियाशीलता क्रम स्थिति विशेषता
K, Na, Ca सर्वाधिक क्रियाशील जल से H2 निकालते हैं
Mg, Al, Zn, Fe उच्च क्रियाशील अम्ल से H2 निकालते हैं
Pb, H मध्यम H से ऊपर की धातु ही H2 देती है
Cu, Hg, Ag, Au निम्न क्रियाशील Cu, Ag आदि अम्ल से H2 नहीं निकालते

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[विस्थापन अभिक्रिया A + BC → AC + B] --> B[क्रियाशीलता श्रेणी]
    A --> C[उदाहरण]
    B --> B1[K Na Ca Mg Al Zn Fe Pb H Cu Hg Ag Au]
    B --> B2[ऊपर वाला नीचे वाले को विस्थापित करता है]
    C --> C1[Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu]
    C --> C2[Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu]
    C --> C3[Cu + 2AgNO3 → Cu(NO3)2 + 2Ag]
    C --> C4[2Al + Fe2O3 → Al2O3 + 2Fe]
    A --> D[शर्त]
    D --> D1[विस्थापक अधिक क्रियाशील हो]
    D --> D2[Cu + ZnSO4 संभव नहीं]
    A --> E[उपयोग]
    E --> E1[थर्माइट अभिक्रिया]
    E --> E2[धातु शोधन]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

धातु क्रियाशीलता श्रेणी क्रियाशीलता घटती है (ऊपर से नीचे) K पोटेशियम (सर्वाधिक) Na सोडियम Ca कैल्शियम Mg मैग्नीशियम Al एल्युमिनियम Zn जिंक Fe लोहा Pb सीसा Cu तांबा Ag सिल्वर Au सोना (न्यूनतम) ऊपर की धातु नीचे वाले को लवण से विस्थापित करती है स्वर्ण नियम: ऊपर की धातु ही नीचे की धातु को उसके लवण से विस्थापित करती है।

विस्थापन अभिक्रिया: जिंक और तांबा सल्फेट अभिक्रिया से पहले नीला घोल CuSO4 जिंक की धातु Zn Zn + CuSO4 अभिक्रिया के बाद हरा घोल ZnSO4 जिंक पर तांबे की परत ZnSO4 + Cu औद्योगिक उपयोग थर्माइट: 2Al + Fe2O3 → Al2O3 + 2Fe रेल पटरियों के जोड़ने में उपयोग अयस्क से धातु निकालना Cu + ZnSO4 संभव नहीं, क्योंकि Cu कम क्रियाशील स्वर्ण नियम क्रियाशीलता श्रेणी में ऊपर की धातु ही विस्थापन करती है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. उल्टी अभिक्रिया लिखना: Cu + ZnSO4 → CuSO4 + Zn को सही मान लेना गलत है; तांबा जिंक को विस्थापित नहीं करता।
  2. क्रियाशीलता क्रम भ्रम: Fe को Cu से नीचे समझ लेना गलत है; Fe श्रेणी में Cu से ऊपर है।
  3. थर्माइट अभिक्रिया न पहचानना: 2Al + Fe2O3 को संयोजन समझ लेना गलत है; यह विस्थापन अभिक्रिया है।
  4. उत्पाद में ऑक्सीकरण संख्या: Fe + HCl में उत्पाद FeCl3 लिखना गलत है, सही उत्पाद FeCl2 है।
  5. जल से H2 वाली धातु: Mg को जल से अभिक्रिया करना न बताना; Mg गर्म जल से अभिक्रिया करता है जबकि Na, K ठंडे जल से भी।
  6. लवण के घोल में गलती: विस्थापन लवण के घोल (aqueous) में होता है, ठोस लवण में नहीं; यह बिंदु अक्सर छूट जाता है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. क्रियाशीलता श्रेणी का पूरा क्रम K Na Ca Mg Al Zn Fe Pb H Cu Hg Ag Au रटें।
  2. प्रश्न में दो धातु दी हों तो श्रेणी में उनके क्रम से तुरंत निर्णय करें कि विस्थापन होगा या नहीं।
  3. Zn + CuSO4, Fe + CuSO4, Cu + AgNO3 – तीनों को सदैव याद रखें।
  4. हाइड्रोजन से ऊपर की धातु अम्ल से H2 निकालती है, Cu/Ag/Au नहीं – इसी पर प्रश्न बनते हैं।
  5. थर्माइट अभिक्रिया को रेल पटरी जोड़ने से जोड़कर याद करें, यह तथ्य बार-बार पूछा जाता है।

10. निष्कर्ष

विस्थापन अभिक्रिया धातुओं की क्रियाशीलता के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार अधिक क्रियाशील धातु कम क्रियाशील धातु को उसके लवण के घोल से विस्थापित कर देती है। क्रियाशीलता श्रेणी में पोटेशियम सबसे ऊपर और सोना सबसे नीचे होता है, तथा श्रेणी में ऊपर वाली धातु ही विस्थापन करती है। Zn + CuSO4, Fe + CuSO4, Cu + AgNO3 तथा थर्माइट अभिक्रिया इस अध्याय के प्रमुख उदाहरण हैं। परीक्षा में क्रियाशीलता श्रेणी का क्रम और इसका विस्थापन पर प्रभाव समझने से इस अध्याय के सभी प्रश्नों को सरलता से हल किया जा सकता है।