विषय: रेलवे ग्रुप D – सामान्य जागरूकता (समसामयिकी और पर्यावरण)
अध्याय: 23.6 पर्यावरणीय मुद्दे
विषय-वस्तु: पर्यावरण, संरक्षण
1. परिचय
पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है, परंतु बढ़ती जनसंख्या, औद्योगीकरण और शहरीकरण के कारण पर्यावरण पर गंभीर दबाव बढ़ रहा है। वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, भूमि क्षरण, वनों की कटाई, जैव विविधता की हानि और प्लास्टिक प्रदूषण प्रमुख पर्यावरणीय मुद्दे हैं। भारत सहित विश्व के सभी देश पर्यावरण संरक्षण के लिए नीतियाँ एवं कानून बना रहे हैं।
रेलवे ग्रुप D परीक्षा के सामान्य जागरूकता खंड में पर्यावरणीय मुद्दों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें प्रदूषण के प्रकार, पर्यावरण संरक्षण के कानून, प्रमुख संगठन, वन्य जीव संरक्षण तथा पर्यावरण से जुड़ी संधियाँ शामिल होती हैं। पर्यावरणीय अवधारणाओं की स्पष्ट समझ परीक्षा में लाभदायक होती है।
इस अध्याय में हम प्रदूषण के प्रकार, पर्यावरण संरक्षण के उपाय, वन्य जीव संरक्षण तथा प्रमुख पर्यावरणीय कानूनों एवं संगठनों का विस्तार से अध्ययन करेंगे। परीक्षा उपयोगी तथ्यों को स्मरणीय तालिकाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
2. प्रदूषण के प्रकार
प्रदूषण मुख्य रूप से चार प्रकार का होता है:
वायु प्रदूषण: हवा में हानिकारक गैसों एवं कणों की अधिकता। कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड प्रमुख प्रदूषक।
जल प्रदूषण: जलस्रोतों में गंदगी एवं रसायनों का मिलना। औद्योगिक अपशिष्ट, कृषि रसायन प्रमुख कारण।
भूमि प्रदूषण: मिट्टी में हानिकारक पदार्थों का जमा होना।
ध्वनि प्रदूषण: अत्यधिक शोर से उत्पन्न समस्या।
वायु प्रदूषण से संबंधित तथ्य:
प्रमुख ग्रीनहाउस गैस: कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड।
PM 2.5 और PM 10 सूक्ष्म कण प्रदूषण के संकेतक।
ओजोन परत हानिकारक पराबैंगनी किरणों से सुरक्षा करती है।
धुंध (स्मॉग) वायु प्रदूषण का प्रभाव है।
एसिड वर्षा सल्फर डाइऑक्साइड एवं नाइट्रोजन ऑक्साइड से होती है।
भारत में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) प्रदूषण की स्थिति दर्शाता है। दिल्ली सहित कई शहरों में सर्दियों में स्मॉग की स्थिति बनती है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू किया जाता है।
3. पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीव
पर्यावरण संरक्षण के प्रमुख उपाय निम्न हैं:
वृक्षारोपण: अधिक से अधिक पेड़ लगाना।
जल संरक्षण: जल का विवेकपूर्ण उपयोग।
अपशिष्ट प्रबंधन: कचरे का पुनर्चक्रण।
नवीकरणीय ऊर्जा: सौर एवं पवन ऊर्जा का उपयोग।
प्रदूषण नियंत्रण उपकरण: फिल्टर एवं स्क्रबर का उपयोग।
वन्य जीव संरक्षण:
राष्ट्रीय उद्यान: जंगली जीवों के संरक्षण के क्षेत्र।
वन्य जीव अभयारण्य: जीवों की रक्षा के स्थान।
प्रोजेक्ट टाइगर (1973): बाघ संरक्षण।
प्रोजेक्ट एलीफेंट (1992): हाथियों का संरक्षण।
प्रोजेक्ट राइनो: गैंडों का संरक्षण।
प्रमुख भारतीय राष्ट्रीय उद्यान:
जिम कॉर्बेट (उत्तराखंड): सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान (1936)।
काजीरंगा (असम): एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध।
गिर (गुजरात): एशियाई शेरों के लिए प्रसिद्ध।
सुंदरवन (पश्चिम बंगाल): बाघ एवं मैंग्रोव के लिए प्रसिद्ध।
रणथंभौर (राजस्थान): बाघ अभयारण्य।
भारत में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 लागू है। बाघ संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट टाइगर 1973 में शुरू किया गया। काजीरंगा को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है।
4. पर्यावरण कानून, संगठन और संधियाँ
पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रमुख कानून:
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम (1972): जीवों एवं पौधों की रक्षा।
जल प्रदूषण निवारण अधिनियम (1974): जल प्रदूषण नियंत्रण।
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (1986): व्यापक पर्यावरण संरक्षण।
वन संरक्षण अधिनियम (1980): वनों की कटाई का नियंत्रण।
प्रमुख पर्यावरणीय संगठन:
UNEP: संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम, मुख्यालय नैरोबी।
WWF: विश्व वन्य जीव कोष।
ग्रीनपीस: पर्यावरण संगठन।
भारतीय वन सर्वेक्षण: वनों का आकलन।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB): प्रदूषण नियंत्रण।
प्रमुख संधियाँ:
रामसर सम्मेलन (1971): आर्द्रभूमियों का संरक्षण।
साइट्स (CITES): वन्य जीवों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर नियंत्रण।
क्योटो प्रोटोकॉल (1997): ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी।
पेरिस समझौता (2015): जलवायु परिवर्तन नियंत्रण।
भारत में पर्यावरण मंत्रालय पर्यावरण नीतियाँ बनाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की स्थापना 1974 में हुई। रामसर साइटों की संख्या में भारत का स्थान विश्व में महत्वपूर्ण है।
5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1
प्रदूषण का प्रकार
मुख्य प्रदूषक
प्रभाव
वायु प्रदूषण
CO, SO2, NOx
सांस रोग
जल प्रदूषण
औद्योगिक अपशिष्ट
जलजनित रोग
भूमि प्रदूषण
प्लास्टिक, रसायन
मिट्टी क्षरण
ध्वनि प्रदूषण
अत्यधिक शोर
सुनने की क्षमता
तालिका 2
अधिनियम
वर्ष
उद्देश्य
वन्य जीव संरक्षण
1972
जीव संरक्षण
जल प्रदूषण निवारण
1974
जल संरक्षण
वायु प्रदूषण निवारण
1981
वायु संरक्षण
वन संरक्षण
1980
वनों की रक्षा
पर्यावरण संरक्षण
1986
व्यापक संरक्षण
6. माइंड मैप
flowchart TD
A[पर्यावरणीय मुद्दे] --> B[प्रदूषण]
A --> C[वन्य जीव संरक्षण]
A --> D[पर्यावरण कानून]
A --> E[संगठन]
B --> F[वायु प्रदूषण]
B --> G[जल प्रदूषण]
B --> H[ध्वनि प्रदूषण]
C --> I[प्रोजेक्ट टाइगर]
C --> J[प्रोजेक्ट एलीफेंट]
D --> K[1972 वन्य जीव]
D --> L[1986 पर्यावरण]
E --> M[UNEP]
E --> N[CPCB]
F --> O[AQI]
I --> P[1973 शुरुआत]
7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
8. सामान्य गलतियाँ
पर्यावरण कानूनों के वर्ष: वन्य जीव 1972, जल 1974, वायु 1981, पर्यावरण 1986; इन वर्षों को आपस में नहीं मिलाना चाहिए।
प्रोजेक्ट टाइगर का वर्ष: प्रोजेक्ट टाइगर 1973 में शुरू हुआ, जबकि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 में बना।
जिम कॉर्बेट: यह भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है (1936), इसे किसी अन्य से नहीं जोड़ना चाहिए।
गिर का प्रसिद्धि: गिर एशियाई शेरों के लिए प्रसिद्ध है, बाघों के लिए नहीं।
UNEP का मुख्यालय: UNEP का मुख्यालय नैरोबी में है, न कि जिनेवा में।
रामसर सम्मेलन: रामसर आर्द्रभूमि संरक्षण से संबंधित है, वनों से नहीं।
9. परीक्षा युक्तियाँ
पर्यावरण कानूनों के वर्षों की तालिका (1972, 1974, 1981, 1986) याद रखें।
प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों और उनके जानवरों का मिलान तैयार रखें।
प्रोजेक्ट टाइगर (1973) और प्रोजेक्ट एलीफेंट (1992) के वर्ष याद रखें।
UNEP का मुख्यालय नैरोबी और CPCB की स्थापना 1974 याद रखें।
ग्रीनहाउस गैसों की सूची (CO2, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड) तैयार रखें।
रामसर साइट, CITES और क्योटो प्रोटोकॉल जैसी संधियों के उद्देश्य स्पष्ट रखें।
10. निष्कर्ष
पर्यावरणीय मुद्दे रेलवे ग्रुप D परीक्षा के सामान्य जागरूकता खंड का महत्वपूर्ण विषय है। प्रदूषण के प्रकार, पर्यावरण कानून, वन्य जीव संरक्षण और प्रमुख संगठनों की जानकारी परीक्षा में निश्चित अंक दिलाती है। कानूनों के वर्ष, उद्यानों के जानवर और संधियों के उद्देश्यों की स्मरणीय तालिकाओं के नियमित अभ्यास से इस विषय में महारत हासिल की जा सकती है।