विषय: रेलवे NTPC – सामान्य ज्ञान (भारतीय कला और संस्कृति) अध्याय: 21.4 भारतीय वास्तुकला विषय-वस्तु: वास्तुकला
भारतीय वास्तुकला विश्व की सबसे समृद्ध और विविध वास्तुकला परंपराओं में से एक है। हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना, मौर्य काल के स्तंभ, गुप्त काल के मंदिर, मुगल काल के स्मारक और ब्रिटिश काल की इमारतें भारतीय वास्तुकला के विभिन्न चरणों का प्रतिनिधित्व करती हैं। हड़प्पा सभ्यता की नगरों में सड़कों की योजना, जल निकासी प्रणाली और ईंटों के भवन मिले हैं। मोहनजोदड़ो का महान स्नानागार और ग्रैनरी इस काल की प्रमुख संरचनाएँ हैं।
प्राचीन भारत में मंदिर वास्तुकला का विशेष विकास हुआ। मंदिरों को मुख्यतः तीन शैलियों में विभाजित किया गया है: नागर शैली (उत्तर भारत), द्रविड़ शैली (दक्षिण भारत) और वेसर शैली (मिश्रित)। नागर शैली के मंदिरों में शिखर होता है, जबकि द्रविड़ शैली में विमान और गोपुरम होते हैं। खजुराहो, कोणार्क, महाबलीपुरम और बृहदेश्वर मंदिर भारतीय मंदिर वास्तुकला के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। इन मंदिरों की बारीक नक्काशी और संरचनात्मक शिल्पकला विश्व प्रसिद्ध है।
मुगल काल में भारतीय वास्तुकला ने नया स्वरूप ग्रहण किया। मुगल वास्तुकला में मेहराब, गुंबद, मीनारें और बागों का विशेष प्रयोग हुआ। ताजमहल, लाल किला, हुमायूँ का मकबरा, फतेहपुर सीकरी और जामा मस्जिद मुगल वास्तुकला के प्रमुख उदाहरण हैं। ताजमहल को विश्व की सबसे सुंदर इमारतों में से एक माना जाता है। एनटीपीसी परीक्षा में मंदिर शैलियों, स्मारकों और उनके निर्माणकर्ताओं से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
नागर शैली: - उत्तर भारत में प्रचलित। - विशेषता: शिखर (ऊँचा मीनार जैसा भाग)। - उदाहरण: खजुराहो, कोणार्क।
द्रविड़ शैली: - दक्षिण भारत में प्रचलित। - विशेषता: विमान और गोपुरम। - उदाहरण: महाबलीपुरम, बृहदेश्वर मंदिर।
वेसर शैली: - मिश्रित शैली। - नागर और द्रविड़ का सम्मिश्रण। - दक्कन क्षेत्र में प्रचलित।
प्रमुख मंदिर: - खजुराहो मंदिर: मध्य प्रदेश, चंदेल शासकों द्वारा निर्मित। - कोणार्क सूर्य मंदिर: ओडिशा, नरसिंहदेव प्रथम द्वारा। - बृहदेश्वर मंदिर: तमिलनाडु, राजराज चोल प्रथम द्वारा। - कैलाश मंदिर: महाराष्ट्र, एलोरा में। - मीनाक्षी मंदिर: तमिलनाडु, मदुरै में। - जगन्नाथ मंदिर: ओडिशा, पुरी में।
महत्वपूर्ण तथ्य: - खजुराहो मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर है। - कोणार्क मंदिर सूर्य देवता को समर्पित है। - बृहदेश्वर मंदिर शिव को समर्पित है। - कैलाश मंदिर एक चट्टान को काटकर बनाया गया है।
मुगल वास्तुकला की विशेषताएँ: - मेहराब, गुंबद और मीनारों का प्रयोग। - लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर। - बागों और जल प्रवाह का विशेष डिजाइन।
प्रमुख मुगल स्मारक: - ताजमहल: आगरा, शाहजहाँ द्वारा मुमताज महल की स्मृति में। - हुमायूँ का मकबरा: दिल्ली, प्रथम मुगल उद्यान-कब्र। - लाल किला: दिल्ली, शाहजहाँ द्वारा। - फतेहपुर सीकरी: आगरा के पास, अकबर द्वारा। - जामा मस्जिद: दिल्ली, शाहजहाँ द्वारा। - बुलंद दरवाजा: फतेहपुर सीकरी, अकबर द्वारा।
अन्य महत्वपूर्ण स्मारक: - कुतुब मीनार: दिल्ली, कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा आरंभ। - चार मीनार: हैदराबाद, कुतुब शाही वंश। - गोल गुंबज: बीजापुर, विश्व का सबसे बड़ा गुंबद। - सांची स्तूप: मध्य प्रदेश, बौद्ध वास्तुकला।
महत्वपूर्ण तथ्य: - ताजमहल यूनेस्को विश्व धरोहर है। - हुमायूँ का मकबरा दिल्ली में पहली उद्यान-कब्र है। - बुलंद दरवाजा गुजरात की विजय की स्मृति में बना। - कुतुब मीनार विश्व की सबसे ऊँची ईंटों की मीनार है।
गुफा वास्तुकला: - अजंता और एलोरा की गुफाएँ महाराष्ट्र में। - बौद्ध, हिंदू और जैन धर्म से जुड़ी। - कार्ला और भाजे की गुफाएँ भी प्रसिद्ध हैं।
स्तूप वास्तुकला: - सांची स्तूप मध्य प्रदेश में। - बौद्ध धर्म से संबंधित। - अमरावती स्तूप आंध्र प्रदेश में।
इंडो-इस्लामिक वास्तुकला: - मुगल वास्तुकला की नींव। - दिल्ली सल्तनत काल की इमारतें। - कुतुब मीनार परिसर।
ब्रिटिश काल की वास्तुकला: - इंडो-सारसेनिक शैली। - विक्टोरिया मेमोरियल, कोलकाता। - गेटवे ऑफ इंडिया, मुंबई। - राष्ट्रपति भवन, दिल्ली।
महत्वपूर्ण स्मारक और निर्माता: - ताजमहल: शाहजहाँ - लाल किला: शाहजहाँ - हुमायूँ का मकबरा: हमीदा बानो बेगम - कुतुब मीनार: कुतुबुद्दीन ऐबक (आरंभ) - फतेहपुर सीकरी: अकबर - बृहदेश्वर मंदिर: राजराज चोल प्रथम
| शैली | क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|
| नागर | उत्तर भारत | शिखर |
| द्रविड़ | दक्षिण भारत | विमान, गोपुरम |
| वेसर | दक्कन | मिश्रित |
| स्मारक | निर्माता |
|---|---|
| ताजमहल | शाहजहाँ |
| लाल किला | शाहजहाँ |
| हुमायूँ का मकबरा | हमीदा बानो बेगम |
| फतेहपुर सीकरी | अकबर |
| बृहदेश्वर मंदिर | राजराज चोल प्रथम |
| कुतुब मीनार | कुतुबुद्दीन ऐबक |
flowchart TD
A[21.4 भारतीय वास्तुकला] --> B[मंदिर वास्तुकला]
A --> C[मुगल वास्तुकला]
A --> D[गुफा और स्तूप]
B --> B1[नागर शैली]
B --> B2[द्रविड़ शैली]
B --> B3[वेसर शैली]
C --> C1[ताजमहल]
C --> C2[लाल किला]
C --> C3[फतेहपुर सीकरी]
D --> D1[अजंता एलोरा]
D --> D2[सांची स्तूप]
भारतीय वास्तुकला अपनी मंदिर शैलियों, मुगल स्मारकों और गुफा वास्तुकला के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य खजाना है। वास्तुकला की शैलियों, स्मारकों और उनके निर्माताओं की जानकारी एनटीपीसी परीक्षा के संस्कृति अनुभाग में पूछे जाने वाले प्रश्नों को हल करने में निर्णायक भूमिका निभाती है।