विषय: रेलवे NTPC – गणित (ज्यामिति और क्षेत्रमिति) अध्याय: 4.5 बहुभुज विषय-वस्तु: बहुभुज, अंतः-बाह्य कोण
बहुभुज उन बंद आकृतियों को कहते हैं जो तीन या अधिक रेखाखंडों से बनी होती हैं। रेलवे NTPC परीक्षा में बहुभुज से संबंधित प्रश्न प्रायः अंतः कोणों का योग, बाह्य कोण, प्रत्येक अंतः कोण, विकर्णों की संख्या तथा भुजाओं की संख्या ज्ञात करने पर आधारित होते हैं। ये सभी प्रश्न कुछ सरल सूत्रों से हल हो जाते हैं, इसलिए यह अध्याय उन विद्यार्थियों के लिए स्कोरिंग साबित होता है जिन्होंने सूत्रों को सही ढंग से याद कर लिया हो। इस अध्याय को पहले के अध्यायों से जोड़कर पढ़ने से त्रिभुज और चतुर्भुज की समझ भी और अधिक स्पष्ट होती है।
बहुभुज की प्रत्येक सरल रेखा को भुजा कहते हैं और दो क्रमागत भुजाओं के मिलन बिंदु को शीर्ष कहा जाता है। बहुभुज का नाम उसकी भुजाओं की संख्या पर निर्भर करता है, जैसे तीन भुजाओं वाला त्रिभुज, चार भुजाओं वाला चतुर्भुज, पांच भुजाओं वाला पंचभुज, छह भुजाओं वाला षट्भुज, सात भुजाओं वाला सप्तभुज, आठ भुजाओं वाला अष्टभुज और दस भुजाओं वाला दशभुज कहलाता है। यदि बहुभुज की सभी भुजाएं और सभी कोण बराबर हों तो उसे समबहुभुज कहते हैं, जैसे समबाहु त्रिभुज और वर्ग।
इस अध्याय में हम सबसे पहले बहुभुज के मूल गुणों और महत्वपूर्ण सूत्रों को समझेंगे, जिनमें अंतः कोणों के योग का सूत्र (n - 2) × 180° और विकर्णों की संख्या का सूत्र n(n - 3)/2 शामिल है। इसके बाद समबहुभुज के प्रत्येक अंतः कोण और बाह्य कोण के सूत्रों का अध्ययन करेंगे तथा अंत में अंतः और बाह्य कोणों के संबंधों को स्पष्ट करेंगे। प्रत्येक अवधारणा के साथ चरणबद्ध हल उदाहरण दिए गए हैं और अंत में पुनरावृत्ति तालिकाएं, माइंड मैप, आरेख, सामान्य गलतियां तथा परीक्षा युक्तियां शामिल की गई हैं।
किसी भी बहुभुज पर लागू होने वाले निम्नलिखित मूल गुण और सूत्र परीक्षा के अधिकांश प्रश्नों का आधार हैं। इन्हें कंठस्थ रखना आवश्यक है।
उदाहरण 1: एक षट्भुज के सभी अंतः कोणों का योग ज्ञात कीजिए। हल: n = 6, अतः अंतः कोणों का योग = (6 - 2) × 180° = 4 × 180° = 720°।
उदाहरण 2: एक पंचभुज में कुल कितने विकर्ण होते हैं? हल: n = 5, अतः विकर्ण = 5(5 - 3)/2 = 5 × 2/2 = 5।
उदाहरण 3: एक समबहुभुज का प्रत्येक बाह्य कोण 40° है, तो भुजाओं की संख्या ज्ञात कीजिए। हल: प्रत्येक बाह्य कोण = 360°/n = 40°, अतः n = 360°/40° = 9। इसलिए यह नवभुज है।
समबहुभुज वह बहुभुज है जिसकी सभी भुजाएं और सभी कोण बराबर होते हैं। समबहुभुज के कोणों से संबंधित निम्नलिखित सूत्रों को ध्यान से समझना चाहिए, क्योंकि परीक्षा में इन्हीं से सर्वाधिक प्रश्न बनते हैं।
उदाहरण 4: एक समषट्भुज का प्रत्येक अंतः कोण ज्ञात कीजिए। हल: प्रत्येक अंतः कोण = (6 - 2) × 180°/6 = 4 × 180°/6 = 720°/6 = 120°।
उदाहरण 5: एक समबहुभुज के प्रत्येक अंतः कोण की माप 150° है, तो भुजाओं की संख्या ज्ञात कीजिए। हल: प्रत्येक बाह्य कोण = 180° - 150° = 30°। अतः n = 360°/30° = 12। यह बारह भुजाओं वाला द्वादशभुज है।
उदाहरण 6: एक समबहुभुज का प्रत्येक बाह्य कोण 60° है, तो उसका नाम बताइए। हल: n = 360°/60° = 6, अतः यह एक षट्भुज है।
अंतः कोण और बाह्य कोण के बीच के संबंध को समझना बहुभुज के प्रश्नों को हल करने की कुंजी है। निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दें:
उदाहरण 7: एक बहुभुज के अंतः कोणों का योग 1080° है, तो भुजाओं की संख्या ज्ञात कीजिए। हल: (n - 2) × 180° = 1080°, अतः n - 2 = 6 और n = 8। यह एक अष्टभुज है।
उदाहरण 8: एक समबहुभुज का प्रत्येक अंतः कोण 144° है, तो उसके विकर्णों की संख्या ज्ञात कीजिए। हल: बाह्य कोण = 180° - 144° = 36°, अतः n = 360°/36° = 10। विकर्ण = 10(10 - 3)/2 = 35।
उदाहरण 9: यदि बहुभुज के अंतः कोणों का योग 1800° हो, तो उसमें कुल कितने विकर्ण होंगे? हल: (n - 2) × 180° = 1800°, अतः n - 2 = 10 और n = 12। विकर्ण = 12(12 - 3)/2 = 54।
| भुजाओं की संख्या | बहुभुज का नाम | अंतः कोणों का योग |
|---|---|---|
| 3 | त्रिभुज | 180° |
| 4 | चतुर्भुज | 360° |
| 5 | पंचभुज | 540° |
| 6 | षट्भुज | 720° |
| 7 | सप्तभुज | 900° |
| 8 | अष्टभुज | 1080° |
| 10 | दशभुज | 1440° |
| 12 | द्वादशभुज | 1800° |
| राशि | सूत्र |
|---|---|
| अंतः कोणों का योग | (n - 2) × 180° |
| बाह्य कोणों का योग | 360° |
| विकर्णों की संख्या | n(n - 3)/2 |
| प्रत्येक बाह्य कोण (समबहुभुज) | 360°/n |
| प्रत्येक अंतः कोण (समबहुभुज) | (n - 2) × 180°/n |
| एक शीर्ष से विकर्ण | n - 3 |
flowchart TD
A[4.5 बहुभुज] --> B[मूल गुण]
A --> C[समबहुभुज के कोण]
A --> D[अंतः-बाह्य संबंध]
B --> B1[अंतः कोणों का योग n-2 गुना 180]
B --> B2[बाह्य कोणों का योग 360]
B --> B3[विकर्ण n(n-3)/2]
C --> C1[प्रत्येक बाह्य कोण 360/n]
C --> C2[प्रत्येक अंतः कोण n-2 गुना 180/n]
D --> D1[अंतः और बाह्य का योग 180]
D --> D2[भुजाएं 360 भाग बाह्य कोण]
D --> D3[एक शीर्ष से n-3 विकर्ण]
अंतः कोणों के योग के सूत्र में (n - 2) × 180° की जगह (n - 2) × 360° लिख दिया जाता है। याद रखें कि प्रत्येक त्रिभुज का कोण योग 180° होता है, इसलिए गुणक 180° ही है।
बाह्य कोणों के योग को (n - 2) × 180° के बराबर मान लिया जाता है, जबकि किसी भी बहुभुज के सभी बाह्य कोणों का योग हमेशा 360° होता है, भुजाओं की संख्या से स्वतंत्र।
प्रत्येक अंतः कोण का सूत्र लगाते समय 360° को भुजाओं की संख्या से भाग दे दिया जाता है, जबकि 360°/n केवल बाह्य कोण देता है। अंतः कोण के लिए (n - 2) × 180°/n या 180° - (360°/n) प्रयोग करें।
विकर्णों की गिनती में समीपस्थ शीर्षों को जोड़ने वाले किनारों (भुजाओं) को भी विकर्ण गिन लिया जाता है। विकर्ण केवल गैर-आसन्न शीर्षों को जोड़ते हैं, इसलिए सूत्र n(n - 3)/2 सही है।
किसी बहुभुज के एक शीर्ष से (n - 2) विकर्ण खींचे जाते हैं, यह भ्रम गलत है। एक शीर्ष से केवल (n - 3) विकर्ण खींचे जाते हैं, जो बहुभुज को (n - 2) त्रिभुजों में बांटते हैं।
बाह्य कोण से भुजाओं की संख्या निकालते समय भाग की दिशा उलटने से गलत उत्तर मिलता है। भुजाओं की संख्या n = 360° ÷ बाह्य कोण होती है।
अंतः कोणों के योग और विकर्णों की संख्या के दो सूत्रों को सबसे पहले कंठस्थ करें, क्योंकि अधिकांश प्रश्न इन्हीं पर आधारित होते हैं।
जब प्रत्येक अंतः कोण दिया हो तो पहले 180° से घटाकर बाह्य कोण निकालें और फिर n = 360°/बाह्य कोण से भुजाएं ज्ञात करें, यह सबसे तेज विधि है।
बहुभुज के नाम और भुजाओं की संख्या की तालिका याद रखें, क्योंकि उत्तर को सही नाम के साथ मिलाना आवश्यक होता है।
विकर्णों के प्रश्न में पहले भुजाओं की संख्या निकालें, फिर n(n - 3)/2 सूत्र लगाएं; गणना ध्यान से करें क्योंकि इसमें गुणन की संभावना अधिक रहती है।
बहुभुज के कोण प्रश्नों में भुजाओं की संख्या सीधे 360° को बाह्य कोण से भाग देकर प्राप्त करें, लंबे समीकरण से बचें।
अंतिम उत्तर की इकाई और शब्दों को जांचें; कोणों के लिए डिग्री चिह्न लिखना और बहुभुज के नाम को सही रूप से उत्तर में चुनना न भूलें।
बहुभुज ज्यामिति का वह रोचक विषय है जिसमें त्रिभुज और चतुर्भुज की सभी अवधारणाएं एक साथ सन्निहित हैं। अंतः कोणों के योग (n - 2) × 180°, बाह्य कोणों के योग 360°, विकर्णों की संख्या n(n - 3)/2 तथा समबहुभुज के प्रत्येक अंतः और बाह्य कोण के सूत्रों को स्पष्ट रूप से समझकर NTPC परीक्षा के बहुभुज प्रश्नों को सरलता से सटीक उत्तर दिया जा सकता है। इन सूत्रों के नियमित अभ्यास और सही प्रयोग के साथ यह अध्याय परीक्षा में निश्चित अंक अर्जित करने में पूर्णतः सक्षम है।