6.3 संख्या समानता Notes

6.3 संख्या समानता

विषय: रेलवे NTPC – तर्कशक्ति (समानता और वर्गीकरण) अध्याय: 6.3 संख्या समानता विषय-वस्तु: संख्याओं की समानता

1. परिचय

संख्या समानता तर्कशक्ति का वह भाग है जिसमें दो संख्याओं के बीच गणितीय संबंध को पहचानकर तीसरी संख्या से वही संबंध स्थापित करना होता है। रेलवे NTPC परीक्षा में प्रश्न "4 : 16 :: 7 : ?" के रूप में आता है। यहां 4 का वर्ग 16 है, इसलिए 7 का वर्ग 49 होगा। संख्या समानता में योग, घटाव, गुणा, भाग, वर्ग, घन, वर्गमूल, अभाज्य संख्या और अंकों का योग जैसी संक्रियाएं मुख्य भूमिका निभाती हैं।

संख्या समानता के प्रश्नों की खासियत यह है कि कभी-कभी दो या अधिक संबंध संभव दिखते हैं। उदाहरण के लिए 8 : 16 में दोनों का अंतर 8 है, परंतु यह 8 का गुणज भी है अर्थात 8 × 2 = 16। ऐसे में विकल्पों के अनुसार ही सही संबंध का चुनाव करना होता है। इसलिए उत्तर चुनने से पहले सभी संभावित संबंधों को जांचना और विकल्पों से मिलान करना आवश्यक है।

इस अध्याय में हम संख्या संबंधों के सभी प्रकारों को समझेंगे, उन्हें पहचानने की क्रमबद्ध विधियों पर चर्चा करेंगे और कई हल किए गए उदाहरणों के द्वारा अभ्यास करेंगे। साथ ही त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएं, माइंड मैप, आरेख, सामान्य गलतियां और परीक्षा युक्तियां भी दी गई हैं। वर्ग, घन और गुणजों की तालिका का अच्छा अभ्यास इस विषय में तेजी लाने में सहायक होता है।

2. संख्या संबंधों के प्रकार

संख्या समानता में पाये जाने वाले मुख्य संबंध निम्नलिखित हैं:

प्रत्येक प्रकार को एक उदाहरण से समझें:

  1. वर्ग संबंध: 9 : 81 — 9 का वर्ग 81 है।
  2. घन संबंध: 2 : 8 — 2 का घन 8 है।
  3. वर्गमूल संबंध: 64 : 8 — 64 का वर्गमूल 8 है।
  4. अंतर संबंध: 20 : 26 — अंतर 6 है।
  5. गुणनफल संबंध: 6 : 42 — 6 × 7 = 42 है।
  6. भाग संबंध: 45 : 9 — 45 ÷ 5 = 9 है।
  7. अंकों का योग: 41 : 5 — 4 + 1 = 5 है।
  8. दो-चरणीय संबंध: 4 : 21 — (4 × 4) + 5 = 21 है।

3. गणितीय संक्रियाओं की विधियाँ

संख्या समानता को हल करने की क्रमबद्ध विधियां निम्नलिखित हैं:

विधि 1: वर्ग और घन की जांच

सबसे पहले देखें कि दूसरी संख्या पहली संख्या का वर्ग या घन तो नहीं है। जैसे 7 : 49 में 7 का वर्ग 49 है। यह सबसे सामान्य और तेज विधि है। 1 से 25 तक के वर्ग और 1 से 10 तक के घन याद रखना चाहिए।

विधि 2: अंतर और गुणज की जांच

यदि वर्ग या घन नहीं है तो दोनों संख्याओं का अंतर और भागफल जांचें। जैसे 12 : 36 में अंतर 24 है, परंतु भागफल 3 है अर्थात 12 × 3 = 36। अंतर और गुणज दोनों में से वही चुनें जो विकल्पों से मेल खाता हो।

विधि 3: दो-चरणीय संबंध की जांच

जब सरल संबंध काम न करे तो दो संक्रियाओं वाला संबंध देखें। जैसे 3 : 13 में (3 × 3) + 4 = 13 और 5 : 29 में (5 × 5) + 4 = 29। ऐसे संबंधों में गुणा के साथ जोड़ या घटाव भी होता है।

विधि 4: अंकों के योग की जांच

कभी-कभी संबंध अंकों के योग पर आधारित होता है। जैसे 46 : 10 क्योंकि 4 + 6 = 10। ऐसे प्रश्नों में दोनों संख्याओं के अंकों का योग करके देखना चाहिए।

विधि 5: अभाज्य और समगत संख्या की जांच

कुछ प्रश्नों में संबंध अभाज्य या समगत होने पर आधारित होता है। जैसे 7 : 11 में दोनों अभाज्य संख्याएं हैं। ऐसे में विकल्पों में से अभाज्य संख्याओं वाली जोड़ी चुनें।

हल किए गए उदाहरण:

  1. 8 : 64 :: 9 : ? — 8 का वर्ग 64 है। इसी प्रकार 9 का वर्ग 81 होगा। उत्तर 81 है।
  2. 2 : 9 :: 4 : ? — (2 × 2) + 5 = 9 है। इसी प्रकार (4 × 4) + 5 = 21 होगा। उत्तर 21 है।
  3. 5 : 125 :: 2 : ? — 5 का घन 125 है। इसी प्रकार 2 का घन 8 होगा। उत्तर 8 है।
  4. 21 : 7 :: 36 : ? — 21 ÷ 3 = 7 है। इसी प्रकार 36 ÷ 3 = 12 होगा। उत्तर 12 है।
  5. 81 : 9 :: 64 : ? — 81 का वर्गमूल 9 है। इसी प्रकार 64 का वर्गमूल 8 होगा। उत्तर 8 है।
  6. 6 : 42 :: 9 : ? — 6 × 7 = 42 है। इसी प्रकार 9 × 7 = 63 होगा। उत्तर 63 है।

4. हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: 3 : 27 :: 5 : ? हल: 3 का घन 27 है। इसी प्रकार 5 का घन 125 होगा। अतः सही उत्तर 125 है।

उदाहरण 2: 11 : 121 :: 12 : ? हल: 11 का वर्ग 121 है। इसी प्रकार 12 का वर्ग 144 होगा। अतः सही उत्तर 144 है।

उदाहरण 3: 5 : 30 :: 8 : ? हल: 5 × 6 = 30 है। इसी प्रकार 8 × 6 = 48 होगा। अतः सही उत्तर 48 है।

उदाहरण 4: 18 : 6 :: 30 : ? हल: 18 ÷ 3 = 6 है। इसी प्रकार 30 ÷ 3 = 10 होगा। अतः सही उत्तर 10 है।

उदाहरण 5: 4 : 20 :: 7 : ? हल: 4 × 5 = 20 है। इसी प्रकार 7 × 5 = 35 होगा। अतः सही उत्तर 35 है।

उदाहरण 6: 25 : 5 :: 49 : ? हल: 25 का वर्गमूल 5 है। इसी प्रकार 49 का वर्गमूल 7 होगा। अतः सही उत्तर 7 है।

उदाहरण 7: 7 : 56 :: 6 : ? हल: 7 × 8 = 56 है। इसी प्रकार 6 × 8 = 48 होगा। अतः सही उत्तर 48 है।

उदाहरण 8: 14 : 28 :: 21 : ? हल: 14 × 2 = 28 है। इसी प्रकार 21 × 2 = 42 होगा। अतः सही उत्तर 42 है।

उदाहरण 9: 2 : 10 :: 6 : ? हल: (2 × 2) + 6 = 10 है। इसी प्रकार (6 × 2) + 6 = 18 होगा। अतः सही उत्तर 18 है।

उदाहरण 10: 8 : 4 :: 20 : ? हल: 8 ÷ 2 = 4 है। इसी प्रकार 20 ÷ 2 = 10 होगा। अतः सही उत्तर 10 है।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1: 1 से 12 तक के वर्ग और घन

संख्या वर्ग घन
1 1 1
2 4 8
3 9 27
4 16 64
5 25 125
6 36 216
7 49 343
8 64 512
9 81 729
10 100 1000
11 121 1331
12 144 1728

तालिका 2: संख्या संबंध पहचानने का क्रम

क्रम संक्रिया उदाहरण
1 वर्ग 6 : 36
2 घन 3 : 27
3 वर्गमूल 64 : 8
4 गुणनफल 5 : 40
5 अंतर 12 : 17
6 भाग 42 : 6
7 अंकों का योग 41 : 5
8 दो-चरणीय 4 : 21

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[6.3 संख्या समानता] --> B[वर्ग संबंध]
    A --> C[घन संबंध]
    A --> D[वर्गमूल संबंध]
    A --> E[गुणनफल संबंध]
    A --> F[अंतर संबंध]
    A --> G[भाग संबंध]
    A --> H[दो-चरणीय संबंध]
    B --> I[7 : 49]
    C --> J[5 : 125]
    D --> K[64 : 8]
    E --> L[9 : 63]
    F --> M[12 : 17]
    G --> N[42 : 6]
    H --> O[4 : 21]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

आरेख 1: वर्ग और घन संबंध

वर्ग और घन संबंध वर्ग और घन संख्या समानता के सबसे सामान्य आधार हैं वर्ग 6 : 36 वर्ग 9 : 81 वर्ग 12 : 144 घन 3 : 27 घन 5 : 125 घन 4 : 64 याद रखें: 1 से 25 तक के वर्ग और 1 से 10 तक के घन पूरी तरह याद होने चाहिए सुझाव: वर्गमूल प्रश्नों में 121 से 225 के बीच के वर्गों को विशेष ध्यान दें स्वर्ण नियम वर्ग या घन का संबंध पहले जांचें क्योंकि अधिकांश प्रश्न इन्हीं पर आधारित होते हैं।

आरेख 2: संख्या समानता हल करने का क्रम

संख्यात्मक संबंध की जांच का क्रम क्या दूसरी संख्या वर्ग है? नहीं क्या दूसरी संख्या घन है? नहीं अंतर या गुणज की जांच करें नहीं दो-चरणीय संबंध जांचें अंकों के योग से जांचें हां, तो वर्ग संबंध चुनें हां, तो वर्ग संबंध चुनें स्वर्ण नियम विकल्पों को देखकर ही तय करें कि कौन सा संबंध प्रश्न में लागू करना है।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. वर्ग और घन को आपस में गलत मान लेना, जैसे 4 का घन 16 बता देना।
  2. दो संभावित संबंधों में से विकल्पों की जांच किए बिना पहला संबंध चुन लेना।
  3. गुणज संबंध में गलत गुणांक का उपयोग करना।
  4. दो-चरणीय संबंधों में केवल एक संक्रिया करके रुक जाना।
  5. वर्गमूल प्रश्नों में 121, 144, 169, 196 के वर्गमूल को गलत करना।
  6. अंकों के योग वाले संबंध को न पहचान पाना और समय गंवाना।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. 1 से 25 तक के वर्ग और 1 से 10 तक के घन को कंठस्थ करें।
  2. संबंध की जांच वर्ग, घन, गुणज, अंतर के क्रम में करें।
  3. अभाज्य संख्या वाले प्रश्नों में 1 से 50 तक के अभाज्य याद रखें।
  4. दो-चरणीय संबंध में गुणा और जोड़ दोनों की जांच करें।
  5. विकल्पों से मिलान करके ही अंतिम उत्तर चुनें।
  6. प्रश्न को दो बार पढ़ें, क्योंकि दिशा बदलने से उत्तर बदल जाता है।

10. निष्कर्ष

संख्या समानता को वर्ग, घन, गुणज, अंतर और दो-चरणीय संबंधों की नियमित जांच से निश्चित रूप से हल किया जा सकता है। वर्ग और घन की तालिकाओं का स्मरण तथा विकल्पों से मिलान करने की आदत इस विषय में तेजी और सटीकता लाती है। रेलवे NTPC में संख्या समानता के प्रश्न उच्च स्कोरिंग हैं, इसलिए इनका अभ्यास करके निश्चित अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।