विषय: रेलवे NTPC – सामान्य विज्ञान (भौतिक विज्ञान)
अध्याय: 16.4 दाब और उत्प्लावन
विषय-वस्तु: दाब, उत्प्लावन
1. परिचय
दाब वह प्रभाव है जो किसी सतह पर लगने वाले बल के कारण उत्पन्न होता है। दाब को प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले अभिलंबवत बल के रूप में परिभाषित किया जाता है। दाब = बल / क्षेत्रफल। दाब का SI मात्रक पास्कल (Pa) है, जो न्यूटन प्रति वर्ग मीटर के बराबर है। क्षेत्रफल घटाने पर दाब बढ़ता है और क्षेत्रफल बढ़ाने पर दाब घटता है। यही कारण है कि चाकू की धार तेज होती है, कील का सिरा नुकीला होता है और ट्रैक्टर के पहिये चौड़े होते हैं। दाब की समझ तरलों और गैसों के व्यवहार को समझने के लिए भी आवश्यक है।
उत्प्लावन (Buoyancy) वह गुण है जिसके कारण तरल या गैस में डाली गई वस्तु ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल का अनुभव करती है। तरल में डुबोई गई वस्तु पर ऊपर की ओर लगने वाला बल उत्प्लावन बल कहलाता है। इस बल के कारण ही जहाज, लोहे की नाव, पनडुब्बी, गुब्बारे तरल या गैस में तैरते हैं। आर्किमिडीज का सिद्धांत उत्प्लावन बल की गणना का आधार है, जो कहता है कि किसी तरल में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोई गई वस्तु पर ऊपर की ओर लगने वाला बल वस्तु द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर होता है।
इस अध्याय में हम दाब की परिभाषा, दाब के SI मात्रक, वायुमंडलीय दाब, द्रव दाब, पास्कल का नियम, हाइड्रोलिक मशीनें, उत्प्लावन बल, आर्किमिडीज का सिद्धांत, प्लवन और सापेक्ष घनत्व का विस्तार से अध्ययन करेंगे। परीक्षा की दृष्टि से ये सभी अवधारणाएँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे वैचारिक प्रश्नों के साथ-साथ संख्यात्मक प्रश्न भी पूछे जाते हैं।
2. दाब: परिभाषा, मात्रक और प्रकार
दाब की परिभाषा: प्रति एकांक क्षेत्रफल पर कार्य करने वाला अभिलंबवत बल दाब कहलाता है। दाब P = F/A, जहां F अभिलंबवत बल और A क्षेत्रफल है। यह एक अदिश राशि है। इसका SI मात्रक पास्कल (Pa) है। 1 पास्कल = 1 N/m²।
क्षेत्रफल और दाब का संबंध: समान बल के लिए क्षेत्रफल कम होने पर दाब अधिक और क्षेत्रफल अधिक होने पर दाब कम होता है। तेज चाकू, नुकीली कील, पिन का नुकीला सिरा इस सिद्धांत पर कार्य करते हैं। चौड़े पट्टे, स्की, बुलडोजर के चौड़े पहिये दाब घटाने के उदाहरण हैं।
द्रव दाब: द्रव का दाब उसकी गहराई, द्रव का घनत्व और g पर निर्भर करता है। द्रव दाब P = h·ρ·g, जहां h गहराई, ρ द्रव का घनत्व और g गुरुत्वीय त्वरण है। द्रव दाब सभी दिशाओं में समान होता है तथा गहराई के साथ बढ़ता है। बांध की दीवार नीचे की ओर मोटी होती है क्योंकि गहराई पर दाब अधिक होता है।
वायुमंडलीय दाब: पृथ्वी के चारों ओर वायुमंडल के भार के कारण सतह पर लगने वाला दाब वायुमंडलीय दाब कहलाता है। समुद्र तल पर इसका मान 1 atm = 1.013 × 10⁵ Pa होता है, जो 76 सेमी (या 760 मिमी) पारे के स्तंभ के दाब के बराबर है। वायुमंडलीय दाब मापने का यंत्र बैरोमीटर है।
दाब की अन्य इकाइयाँ: 1 बार = 10⁵ पास्कल। वायुचक्र में दाब बार में मापा जाता है। 1 torr = 1 मिमी Hg। दाबांतर मापने का यंत्र मैनोमीटर है।
पास्कल का नियम (द्रव में दाब संचरण): संलग्न द्रव में लगाया गया दाब सभी दिशाओं में बिना घटे संचरित होता है। इसी सिद्धांत पर हाइड्रोलिक मशीनें (जैक, लिफ्ट, ब्रेक, प्रेस) कार्य करती हैं। इसमें F₁/A₁ = F₂/A₂ होता है, जिससे छोटे बल से बड़ा बल उत्पन्न किया जा सकता है।
हल किया गया उदाहरण: 50 N का बल 2 m² क्षेत्रफल पर लंबवत लगाया गया है। दाब ज्ञात कीजिए।
हल: P = F/A = 50/2 = 25 Pa
हल किया गया उदाहरण: किसी बिंदु पर 5 m गहराई पर जल का दाब ज्ञात कीजिए। (घनत्व जल = 1000 kg/m³, g = 10 m/s²)
हल: P = h·ρ·g = 5 × 1000 × 10 = 5 × 10⁴ Pa
3. उत्प्लावन बल और आर्किमिडीज का सिद्धांत
उत्प्लावन बल: तरल या गैस में डुबोई गई वस्तु पर लगने वाला ऊपर की ओर का बल उत्प्लावन बल है। यह बल वस्तु द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर होता है। इसी बल के कारण तैरती वस्तुएँ हल्की प्रतीत होती हैं। पानी में स्नान करते समय शरीर हल्का लगना उत्प्लावन का उदाहरण है।
आर्किमिडीज का सिद्धांत: जब किसी वस्तु को किसी तरल में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो वह तरल को हटाती है और उस पर एक ऊपर की ओर का बल कार्य करता है, जो हटाए गए तरल के भार के बराबर होता है। यह बल वस्तु के भार को कम करता है। इस सिद्धांत से ही प्लवन का कारण स्पष्ट होता है।
प्लवन की शर्तें: यदि वस्तु का घनत्व तरल के घनत्व से कम है तो वस्तु तैरती है। यदि घनत्व बराबर है तो वस्तु तरल के भीतर तैरती रहती है। यदि वस्तु का घनत्व अधिक है तो वस्तु डूबती है। जहाज लोहे का बना होते हुए भी तैरता है, क्योंकि उसका औसत घनत्व (खोखले होने के कारण) जल से कम होता है।
पानी में भार: पानी में डुबोई वस्तु का प्रत्यक्ष भार = वस्तु का वास्तविक भार - उत्प्लावन बल। स्नान में शरीर हल्का लगना इसी का परिणाम है। आर्किमिडीज सिद्धांत से ही जहाजों, पनडुब्बियों, हाइड्रोमीटर के सिद्धांत ज्ञात होते हैं।
हाइड्रोमीटर: यह द्रवों का सापेक्ष घनत्व (आपेक्षिक घनत्व) मापने का यंत्र है। यह आर्किमिडीज सिद्धांत पर कार्य करता है। बैटरी का अम्ल, दूध की गुणवत्ता जाँचने में हाइड्रोमीटर का उपयोग होता है।
उत्प्लावन बल की गणना: उत्प्लावन बल = हटाए गए तरल का भार = V·ρ·g, जहां V हटाए गए तरल का आयतन (विस्थापित द्रव का आयतन), ρ द्रव का घनत्व और g गुरुत्वीय त्वरण है।
हल किया गया उदाहरण: 10 kg द्रव्यमान की वस्तु को जल में डुबोया गया, जिससे 2 kg जल विस्थापित हुआ। वस्तु का पानी में प्रत्यक्ष भार ज्ञात कीजिए। (g = 10 m/s²)
हल: वास्तविक भार = 10 × 10 = 100 N; उत्प्लावन = 2 × 10 = 20 N
प्रत्यक्ष भार = 100 - 20 = 80 N
हल किया गया उदाहरण: 0.5 m³ आयतन की वस्तु जल में पूर्णतः डुबोई गई है। उत्प्लावन बल ज्ञात कीजिए। (जल घनत्व = 1000 kg/m³, g = 10 m/s²)
हल: उत्प्लावन = V·ρ·g = 0.5 × 1000 × 10 = 5000 N
4. सापेक्ष घनत्व, प्लवन के अनुप्रयोग और दाब की व्यावहारिक दुनिया
सापेक्ष घनत्व (आपेक्षिक घनत्व): किसी पदार्थ का घनत्व, जल के घनत्व की तुलना में कितना गुना है, इसे सापेक्ष घनत्व कहते हैं। सापेक्ष घनत्व = पदार्थ का घनत्व / जल का घनत्व (4°C पर)। यह एक अनुपात है, अतः इसका कोई मात्रक नहीं होता। जल का सापेक्ष घनत्व 1 होता है। पारे का सापेक्ष घनत्व 13.6 है।
घनत्व: प्रति एकांक आयतन का द्रव्यमान घनत्व कहलाता है। घनत्व = द्रव्यमान/आयतन। इसका SI मात्रक kg/m³ है। जल का घनत्व 1000 kg/m³ है। तापमान बढ़ने पर प्रायः घनत्व घटता है (जल 4°C पर अधिकतम घनत्व रखता है)।
हाइड्रोलिक लिफ्ट में बल गुणन: पास्कल नियम के अनुसार छोटे अनुप्रस्थ काट वाले पिस्टन पर लगाया गया छोटा बल बड़े पिस्टन पर बड़ा बल उत्पन्न करता है। F₂ = F₁ × (A₂/A₁)। इससे कार लिफ्ट, हाइड्रोलिक जैक कार्य करते हैं।
दाब के व्यावहारिक अनुप्रयोग: पाइपलाइनों का दाब, सिरिंज द्वारा इंजेक्शन, आई ड्रॉप, पेय पदार्थ की स्ट्रॉ से पीना — सभी वायुमंडलीय दाब तथा द्रव दाब पर आधारित हैं। स्ट्रॉ से पीने पर फेफड़ों द्वारा दाब घटाकर द्रव ऊपर उठाया जाता है।
बांध और पनडुब्बी: बांध की दीवार नीचे से मोटी होती है क्योंकि गहराई के साथ दाब बढ़ता है। पनडुब्बी बैलास्ट टैंकों में जल भरकर डूबती है और जल निकालकर ऊपर उठती है, यह प्लवन के सिद्धांत पर आधारित है।
तैरते वस्तुओं के उदाहरण: हिमखंड (बर्फ) पानी पर तैरता है, क्योंकि बर्फ का घनत्व जल से कम है। लोहे की सुई जल में डूबती है, किंतु लोहे का जहाज तैरता है क्योंकि उसका औसत घनत्व कम है।
हल किया गया उदाहरण: हाइड्रोलिक जैक में छोटे पिस्टन का क्षेत्रफल 0.01 m² तथा बड़े पिस्टन का क्षेत्रफल 0.5 m² है। छोटे पिस्टन पर 100 N बल लगाने पर बड़े पिस्टन पर कितना बल लगेगा?
हल: F₂ = F₁ × (A₂/A₁) = 100 × (0.5/0.01) = 100 × 50 = 5000 N
हल किया गया उदाहरण: किसी पदार्थ का घनत्व 800 kg/m³ है। इसका सापेक्ष घनत्व कितना होगा?
हल: सापेक्ष घनत्व = 800/1000 = 0.8
5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ
तालिका 1
राशि
सूत्र
SI मात्रक
नोट
दाब
P = F/A
पास्कल (Pa)
1 Pa = 1 N/m²
द्रव दाब
P = hρg
पास्कल (Pa)
गहराई से बढ़ता है
वायुमंडलीय दाब
1 atm
1.013 × 10⁵ Pa
760 मिमी Hg
घनत्व
ρ = m/V
kg/m³
जल = 1000
उत्प्लावन बल
Vρg
न्यूटन (N)
हटाए तरल का भार
तालिका 2
पदार्थ
सापेक्ष घनत्व
घनत्व (kg/m³)
जल
1.0
1000
बर्फ
0.9
900
पारा
13.6
13600
केरोसिन
0.8
800
लोहा
7.8
7800
6. माइंड मैप
flowchart TD
A[16.4 दाब और उत्प्लावन] --> B[दाब]
B --> B1[P = F ÷ A]
B --> B2[पास्कल इकाई]
B --> B3[द्रव दाब hρg]
B --> B4[वायुमंडलीय दाब 760 मिमी]
A --> C[पास्कल का नियम]
C --> C1[दाब का संचरण]
C --> C2[हाइड्रोलिक मशीन]
A --> D[उत्प्लावन]
D --> D1[ऊपर की ओर बल]
D --> D2[हटाए तरल का भार]
A --> E[आर्किमिडीज सिद्धांत]
E --> E1[विस्थापित द्रव भार]
E --> E2[जहाज का तैरना]
A --> F[घनत्व और सापेक्ष घनत्व]
F --> F1[घनत्व = द्रव्यमान ÷ आयतन]
F --> F2[जल का सापेक्ष घनत्व 1]
7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)
8. सामान्य गलतियाँ
दाब को बल समझना: दाब बल/क्षेत्रफल है, एक ही बल से छोटे क्षेत्र पर अधिक दाब उत्पन्न होता है।
वायुमंडलीय दाब को शून्य मानना: पृथ्वी के सभी स्थानों पर वायुमंडलीय दाब मौजूद है, जिसका मान 760 मिमी Hg होता है।
घनत्व और सापेक्ष घनत्व में भ्रम: घनत्व की इकाई kg/m³ होती है, जबकि सापेक्ष घनत्व मात्रकहीन होता है।
यह मानना कि सभी घनी वस्तुएँ पानी में डूबती हैं: खोखली संरचना के कारण औसत घनत्व कम होने पर लोहे का जहाज भी तैरता है।
द्रव दाब केवल गहराई पर निर्भर है ऐसा सोचना: द्रव दाब गहराई, घनत्व और g तीनों पर निर्भर करता है।
उत्प्लावन बल को वस्तु के भार के बराबर सदैव मानना: उत्प्लावन बल हटाए गए तरल के भार के बराबर होता है, वस्तु के भार के नहीं।
9. परीक्षा युक्तियाँ
इकाइयाँ याद रखें: 1 atm = 1.013 × 10⁵ Pa = 760 मिमी Hg, 1 बार = 10⁵ Pa।
द्रव दाब के प्रश्न में h·ρ·g सूत्र का प्रयोग करें, इकाइयों को SI में बदलें।
हाइड्रोलिक मशीन के प्रश्न में F₁/A₁ = F₂/A₂ के अनुपात से हल करें।
प्लवन के प्रश्न में वस्तु और द्रव के घनत्व की तुलना करें; घनत्व कम होने पर वस्तु तैरेगी।
बैरोमीटर वायुमंडलीय दाब, मैनोमीटर दाबांतर और हाइड्रोमीटर सापेक्ष घनत्व मापता है, इन्हें मिलाएँ नहीं।
उत्प्लावन के प्रश्नों में प्रत्यक्ष भार = वास्तविक भार - उत्प्लावन बल का सूत्र प्रयोग करें।
10. निष्कर्ष
दाब और उत्प्लावन तरल स्थैतिकी की मूल अवधारणाएँ हैं, जिनका दैनिक जीवन से गहरा संबंध है। दाब का क्षेत्रफल के साथ व्युत्क्रम संबंध, द्रव दाब की गहराई पर निर्भरता, पास्कल का नियम और हाइड्रोलिक मशीनों का कार्य सिद्धांत परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। आर्किमिडीज का सिद्धांत प्लवन की सभी परिघटनाओं की व्याख्या करता है, चाहे वह जहाज का तैरना हो या हिमखंड का पानी पर तैरना। सापेक्ष घनत्व और उसके अनुप्रयोगों की समझ से संख्यात्मक प्रश्न आसानी से हल होते हैं। इस अध्याय का नियमित अभ्यास NTPC परीक्षा में उच्च अंक सुनिश्चित करता है।