विषय: रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 अध्याय: तर्कशक्ति – कूटलेखन और वर्गीकरण विषय-वस्तु: 7.8 मिश्रित कूटलेखन प्रश्न
मिश्रित कूटलेखन (Mixed Coding-Decoding) तर्कशक्ति परीक्षा का सबसे चुनौतीपूर्ण परंतु सबसे अधिक पूछा जाने वाला कूटलेखन रूप है। इसमें संख्या कूट, शब्द कूट, चिन्ह कूट और संक्रिया कूट के नियम एक साथ मिलाए जाते हैं। रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में मिश्रित कूट प्रश्न प्रायः एकल विकल्पीय या विकल्पों वाले रूप में पूछे जाते हैं। मिश्रित कूट की विशेषता यह है कि किसी एक वाक्य या शब्द के विभिन्न अक्षरों/भागों के लिए अलग-अलग नियम लागू होते हैं, जिन्हें दिए गए उदाहरणों से पहचानना होता है।
मिश्रित कूट के प्रमुख रूप हैं - (क) जहाँ शब्द के कुछ अक्षर संख्या कूट से और कुछ अक्षर-कूट से बदले जाएँ; (ख) जहाँ प्रत्येक अक्षर के लिए एक संख्या और एक चिन्ह दोनों निर्धारित हों; (ग) जहाँ दो अलग-अलग कथनों से नियम निकालकर तीसरे का कूट बनाना हो; और (घ) जहाँ समान अक्षर के स्थान पर समान कूट हो, परंतु भिन्न पदों के लिए भिन्न संक्रिया हो। ऐसे प्रश्नों में एक नहीं, कई नियम एक साथ सक्रिय होते हैं, अतः सबसे पहले प्रत्येक नियम को अलग-अलग पहचानना आवश्यक है।
इस अध्याय में हम मिश्रित कूट प्रश्नों की पहचान, उन्हें हल करने की चरणबद्ध विधि, तुलना द्वारा नियम निकालना और कथन-विश्लेषण कूट को उदाहरण सहित सीखेंगे। मिश्रित कूट हल करते समय सबसे प्रभावी रणनीति है - समान अक्षरों वाले पदों की तुलना करके नियम की पुष्टि करना। उदाहरण के लिए, यदि दो शब्दों में एक ही अक्षर आता है और कूट में समान अंक/चिन्ह दोनों में मौजूद है, तो वह नियम पक्का है। आइए प्रत्येक रूप को विस्तार से समझते हैं।
इस रूप में शब्द के अक्षरों को संख्याओं और चिन्हों दोनों से बदला जाता है, या एक ही कूट में अक्षर भी और संख्याएँ भी होती हैं। उदाहरण के लिए, यदि "MAN" का कूट "13A14" हो, तो यहाँ M = 13, N = 14 संख्या कूट हैं परंतु A अपनी जगह पर अक्षर रूप में ही है। ऐसे प्रश्नों में स्पष्ट रूप से देखना होता है कि कौन-से अक्षर संख्या में बदले गए और कौन-से यथावत रहे।
उदाहरण 1: यदि "GOAT" का कूट "7O120" है, तो "BOAT" का कूट क्या होगा?
समाधान: G = 7, O यथावत, A = 1, T = 20, अतः GOAT → 7O120। इसी नियम से B = 2, O यथावत, A = 1, T = 20, अतः BOAT → 2O120।
उदाहरण 2: यदि "RAIN" का कूट "18A9N" है और "SANE" का कूट "19A14E" है, तो "RISE" का कूट क्या होगा?
समाधान: RAIN → 18A9N से R = 18, I = 9 स्पष्ट है। SANE → 19A14E से S = 19, E = 5 स्पष्ट है (14 नहीं, क्योंकि N = 14 होगा; परंतु यहाँ SANE में N के स्थान पर... वास्तव में SANE = S(19) A यथावत N(14) E(5) होना चाहिए, कूट 19A14E देखकर A यथावत है, S=19, N=14, E=5 सत्य)। अतः RISE → R(18) I(9) S(19) E(5) = 18I19E।
मिश्रित संख्या-अक्षर कूट में यह देखना आवश्यक है कि कौन-से अक्षर अपनी मूल अवस्था में हैं। ऐसे प्रश्नों में अक्षरों को उनकी स्थिति संख्या से बदलने के साथ-साथ कुछ अक्षर (प्रायः स्वर) यथावत रखे जाते हैं। समान अक्षर वाले दो शब्दों की तुलना से यह तुरंत स्पष्ट हो जाता है। हमेशा पहले यह तय करें कि कौन-से अक्षर स्थायी (यथावत) हैं।
चिन्ह-आधारित मिश्रित कूट में प्रत्येक अक्षर या तत्व के लिए एक विशेष चिन्ह निर्धारित होता है, जैसे A = %, B = #, C = @। कभी-कभी एक ही कूट में संख्या और चिन्ह दोनों का मिश्रण होता है, जैसे A = 2%, B = 5#। ऐसे प्रश्नों में दी गई कूट-तालिका के अनुसार ही कूट बनाना होता है और कोई गणितीय संबंध देखने की आवश्यकता नहीं होती।
उदाहरण 3: यदि कूट-तालिका में P = @, Q = &, R = $, S = ! है, तो "PQR" का कूट क्या होगा?
समाधान: P = @, Q = &, R = $, अतः PQR → @&$।
कुछ प्रश्नों में चिन्हों को वाक्य के माध्यम से समझना होता है। उदाहरण के लिए, यदि कहा जाए कि "राम @ श्याम" का अर्थ राम, श्याम का पिता है और "%" का अर्थ भाई है, तो वाक्यों से संबंध ज्ञात करना होता है। ऐसे प्रश्न रक्त संबंध से जुड़ जाते हैं, जिसके लिए चिन्हों के अर्थों की तालिका बनाकर ध्यानपूर्वक वाक्य को पढ़ना आवश्यक है। मिश्रित चिन्ह-कूट में ध्यान रखें कि एक ही चिन्ह का प्रयोग कभी-कभी अलग-अलग वाक्यों में भिन्न अर्थों के लिए होता है, इसलिए प्रत्येक वाक्य के चिन्ह-अर्थ को नोट करें।
उदाहरण 4: यदि A × B का अर्थ A, B की माता है और A + B का अर्थ A, B का पिता है, तो "M + N × P" में P, M का क्या होगा?
समाधान: M + N → M, N का पिता है। N × P → N, P की माता है। अतः M, P का नाना (माता का पिता) होगा। इस प्रकार चिन्ह-कूट वाक्यों को बाएँ से दाएँ पढ़कर संबंध श्रृंखला बनाई जाती है।
कथन-विश्लेषण कूट में दो या अधिक कथन दिए जाते हैं, जिनमें प्रत्येक शब्द के लिए एक विशेष कूट होता है। इन कथनों की तुलना करके प्रत्येक शब्द का कूट अलग-अलग ज्ञात किया जाता है। यह कूटलेखन का सबसे महत्वपूर्ण रूप है। उदाहरण के लिए, यदि "राम दौड़ता है" का कूट "पहला दूसरा तीसरा" और "श्याम बैठता है" का कूट "चौथा दूसरा पाँचवाँ" है, तो "दौड़ता" शब्द का कूट दोनों कथनों में उभयनिष्ठ "दूसरा" होगा।
उदाहरण 5: यदि "बिल्ली कुत्ता पक्षी" का कूट "ए बी सी" और "पक्षी मछली मेंढक" का कूट "डी ई सी" है, तो "पक्षी" का कूट क्या होगा?
समाधान: दोनों कथनों में उभयनिष्ठ शब्द "पक्षी" है और उभयनिष्ठ कूट "सी" है। अतः पक्षी → सी।
उदाहरण 6: यदि "नीला हरा लाल" का कूट "टा पा का", "लाल पीला काला" का कूट "शा का मा" और "नीला बैंगनी" का कूट "टा रा" है, तो "हरा" का कूट क्या होगा?
समाधान: पहले कथन में नीला, हरा, लाल = टा, पा, का। तीसरे कथन में नीला = टा (क्योंकि बैंगनी = रा)। दूसरे कथन में लाल = का (पीला, काला = शा, मा)। पहले कथन में शेष बचता है हरा = पा। अतः उत्तर पा है।
तुलना कूट हल करते समय प्रत्येक कथन से एक नया शब्द-कूट संबंध मिलता है। सबसे पहले उन शब्दों को अलग करें जिनका कूट एक से अधिक कथनों में उभयनिष्ठ है, फिर शेष शब्दों के कूट बचे हुए कूटों से मिलाएँ। यह विधि धीरे-धीरे पूरी कूट-तालिका बना देती है। परीक्षा में इस विधि को शीघ्रता से हल करने के लिए कथनों को इस तरह लिखें कि उभयनिष्ठ शब्द तुरंत दिखाई दें।
| प्रकार | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| संख्या-अक्षर मिश्रित | कुछ अक्षर संख्या में, कुछ यथावत | GOAT → 7O120 |
| चिन्ह-तालिका कूट | प्रत्येक अक्षर के लिए चिन्ह | PQR → @&$ |
| चिन्ह-संबंध कूट | चिन्ह = संबंध | A × B = माता |
| कथन-तुलना कूट | शब्दों के कूट कथनों से | पक्षी → सी |
| संयुक्त कूट | दो नियम एक साथ | RISE → 18I19E |
| चरण | क्रिया | उद्देश्य |
|---|---|---|
| 1 | कथन/तालिका पढ़ें | नियमों की सूची बनाएँ |
| 2 | समान अक्षर/शब्द खोजें | उभयनिष्ठ कूट पहचानें |
| 3 | नियम को सत्यापित करें | दूसरे उदाहरण पर जाँचें |
| 4 | लक्ष्य पर लागू करें | अंतिम कूट/शब्द बनाएँ |
| 5 | पुष्टि करें | विकल्पों से मिलाएँ |
flowchart TD
A[मिश्रित कूटलेखन] --> B[संख्या-अक्षर कूट]
A --> C[चिन्ह-तालिका कूट]
A --> D[चिन्ह-संबंध कूट]
A --> E[कथन-विश्लेषण]
B --> B1[स्थिति संख्या + यथावत अक्षर]
C --> C1[अक्षर → चिन्ह तालिका]
D --> D1[चिन्ह → रक्त संबंध]
E --> E1[उभयनिष्ठ शब्द खोजना]
E --> E2[शेष कूट मिलाना]
मिश्रित कूटलेखन तर्कशक्ति की वह उन्नत विधा है जिसमें कई नियम एक साथ कार्य करते हैं और परीक्षार्थी को उन्हें अलग करके पहचानना होता है। इस अध्याय में हमने संख्या-अक्षर मिश्रित कूट, चिन्ह-तालिका कूट, चिन्ह-संबंध कूट और कथन-विश्लेषण कूट को उदाहरण सहित समझा। सफलता की कुंजी समान अक्षरों या शब्दों की तुलना करके उभयनिष्ठ कूट को पहचानना और हर नियम को अलग-अलग सत्यापित करना है। कथन-विश्लेषण में शब्द-कूट तालिका बनाने की आदत विकसित करनी चाहिए। नियमित और व्यवस्थित अभ्यास से रेलवे टेक्नीशियन ग्रेड 3 की परीक्षा में मिश्रित कूट के कठिन प्रश्न भी आसानी से हल होंगे।