Comprehensive theory, key formulas, diagrams, and memory aids for भिन्न एवं दशमलव.
भिन्न और दशमलव गणित की वे संख्याएँ हैं जिनसे हम पूर्ण इकाई के भागों को निरूपित करते हैं। एक भिन्न $\frac{p}{q}$ (जहाँ $q \neq 0$) पूर्ण इकाई को कई समान भागों में बाँटकर कुछ भाग लेने का निरूपण है। दशमलव भिन्न वे भिन्न होते हैं जिनके हर में 10, 100, 1000 आदि होते हैं, और उन्हें दशमलव बिंदु की सहायता से लिखा जाता है। इस अध्याय में हम भिन्नों के प्रकार, उनका गुणा-भाग तथा दशमलव संख्याओं का गुणा-भाग और भिन्न-दशमलव के बीच रूपांतरण का अध्ययन करेंगे। दैनिक जीवन में भिन्नों का उपयोग अन्न के वितरण, लंबाई-चौड़ाई मापने, समय गणना और मूल्य निर्धारण में सर्वत्र होता है।
भिन्न को सरलतम रूप में लिखने के लिए अंश और हर को उनके म.स. (HCF) से भाग दिया जाता है। उदाहरण के लिए, $\frac{12}{18}$ में म.स. 6 है, अतः सरलतम रूप $\frac{2}{3}$ है। तुलना के समय तुल्य भिन्न बनाने के लिए हरों का ल.स. (LCM) निकालकर भिन्नों को समान हर में बदला जाता है।
$$\frac{a}{b} \times \frac{c}{d} = \frac{a \times c}{b \times d}$$ उदाहरण: $\frac{2}{3} \times \frac{4}{5} = \frac{8}{15}$। गुणा करने से पहले यदि संभव हो तो तिर्यक (cross) सरलीकरण कर लेना चाहिए, जैसे $\frac{3}{4} \times \frac{8}{9} = \frac{1 \times 2}{1 \times 3} = \frac{2}{3}$।
$$\frac{a}{b} \times n = \frac{a \times n}{b}$$ उदाहरण: $\frac{3}{7} \times 5 = \frac{15}{7} = 2\frac{1}{7}$।
मिश्र भिन्न को पहले विषम भिन्न में बदला जाता है, फिर गुणा किया जाता है। उदाहरण: $1\frac{1}{2} \times 2\frac{1}{3} = \frac{3}{2} \times \frac{7}{3} = \frac{7}{2} = 3\frac{1}{2}$।
किसी भिन्न $\frac{a}{b}$ का व्युत्क्रम (Reciprocal) $\frac{b}{a}$ होता है, बशर्ते $a, b \neq 0$। शून्य का व्युत्क्रम परिभाषित नहीं है। भिन्न का भाग करने के लिए भाजक के व्युत्क्रम से गुणा किया जाता है: $$\frac{a}{b} \div \frac{c}{d} = \frac{a}{b} \times \frac{d}{c}$$ उदाहरण: $\frac{3}{4} \div \frac{9}{2} = \frac{3}{4} \times \frac{2}{9} = \frac{1}{6}$। पूर्ण संख्या $n$ को भिन्न $\frac{n}{1}$ मानकर भाग किया जाता है। उदाहरण: $\frac{5}{8} \div 5 = \frac{5}{8} \times \frac{1}{5} = \frac{1}{8}$।
दो दशमलव संख्याओं को गुणा करते समय पहले दशमलव बिंदु को हटाकर सामान्य संख्याओं की तरह गुणा किया जाता है, फिर गुणक और गुण्य के दशमलव स्थानों के कुल योग के बराबर स्थान दाईं ओर से गिनकर दशमलव बिंदु लगाया जाता है। $$2.5 \times 1.2 = 25 \times 12 = 300 \Rightarrow 3.00$$ दशमलव को 10, 100, 1000 से गुणा करने पर बिंदु उतने ही स्थान दाईं ओर खिसकता है, जितने शून्य होते हैं। उदाहरण: $2.5 \times 10 = 25$, $2.5 \times 100 = 250$।
दैनिक जीवन में भिन्नों का उपयोग जैसे: एक केक का $\frac{2}{5}$ भाग खाना, किसी दूरी का आधा या चौथाई भाग तय करना, छूट की गणना करना आदि। उदाहरण के लिए, यदि एक किलो सेब का मूल्य 45.50 रुपये है और हम 2.5 किलो सेब खरीदते हैं, तो कुल मूल्य $45.50 \times 2.5 = 113.75$ रुपये होगा। इसी प्रकार, यदि 3 किलो आटे का मूल्य 96 रुपये है, तो 1 किलो आटे का मूल्य $96 \div 3 = 32$ रुपये होगा। इकाई मूल्य निकालने के लिए कुल मूल्य को मात्रा से भाग देना आवश्यक है।
| संक्रिया | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| गुणा | $\frac{a}{b} \times \frac{c}{d} = \frac{ac}{bd}$ | $\frac{2}{3} \times \frac{9}{4} = \frac{3}{2}$ |
| भाग | $\frac{a}{b} \div \frac{c}{d} = \frac{a}{b} \times \frac{d}{c}$ | $\frac{2}{3} \div \frac{4}{9} = \frac{3}{2}$ |
| पूर्ण संख्या से गुणा | $\frac{a}{b} \times n = \frac{an}{b}$ | $\frac{3}{7} \times 5 = \frac{15}{7}$ |
| पूर्ण संख्या से भाग | $\frac{a}{b} \div n = \frac{a}{b \times n}$ | $\frac{5}{8} \div 5 = \frac{1}{8}$ |
| व्युत्क्रम | $\frac{a}{b}$ का व्युत्क्रम $\frac{b}{a}$ | $\frac{2}{3}$ का व्युत्क्रम $\frac{3}{2}$ |
| संक्रिया | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| 10 से गुणा | बिंदु 1 स्थान दाएँ | $3.5 \times 10 = 35$ |
| 100 से गुणा | बिंदु 2 स्थान दाएँ | $3.5 \times 100 = 350$ |
| 10 से भाग | बिंदु 1 स्थान बाएँ | $3.5 \div 10 = 0.35$ |
| 100 से भाग | बिंदु 2 स्थान बाएँ | $3.5 \div 100 = 0.035$ |
| दो दशमलवों का गुणा | दशमलव स्थानों का योग गिनें | $1.2 \times 0.5 = 0.60$ |
graph TD
A["भिन्न एवं दशमलव"] --> B["भिन्न के प्रकार"]
B --> B1["उचित, विषम, मिश्र, तुल्य"]
A --> C["भिन्न का गुणा"]
C --> C1["अंश×अंश / हर×हर"]
A --> D["भिन्न का भाग"]
D --> D1["व्युत्क्रम से गुणा"]
A --> E["दशमलव"]
E --> E1["भिन्न-दशमलव रूपांतरण"]
A --> F["दशमलव का गुणा-भाग"]
F --> F1["बिंदु दाएँ/बाएँ खिसकाना"]
भिन्न और दशमलव संख्याओं के वे रूप हैं जिनसे वस्तुओं के भाग और अंशमान मापे जाते हैं। भिन्नों के गुणा-भाग में व्युत्क्रम और तिर्यक सरलीकरण, तथा दशमलवों में बिंदु की सही स्थिति का ध्यान रखना परम आवश्यक है। इस अध्याय की दृढ़ समझ राशियों की तुलना, परिमाप-क्षेत्रफल और बीजीय व्यंजकों जैसे आगे के अध्यायों की नींव रखती है। नियमित अभ्यास के माध्यम से भिन्न-दशमलव की हर समस्या सरलता से हल की जा सकती है।