9.7 स्थिति और व्यवस्था Notes

9.7 स्थिति और व्यवस्था

विषय: रेलवे NTPC – तर्कशक्ति (रक्त संबंध और दिशा) अध्याय: 9.7 स्थिति और व्यवस्था विषय-वस्तु: बैठक व्यवस्था

1. परिचय

स्थिति और व्यवस्था का अध्याय तर्कशक्ति के सबसे अधिक स्कोरिंग विषयों में से एक है, जिसमें कुछ व्यक्तियों की एक निश्चित क्रम या व्यवस्था में बैठने की जानकारी दी जाती है और उससे उनकी स्थिति का निर्धारण करना होता है। रेलवे NTPC परीक्षा में इस विषय से प्रायः एक प्रश्न अवश्य पूछा जाता है। ये प्रश्न एक पंक्ति में बैठने, वृत्ताकार बैठक, आमने-सामने बैठने या किसी विशेष दिशा की ओर मुख करके बैठने से संबंधित होते हैं।

बैठक व्यवस्था के प्रश्नों को हल करने के लिए दी गई सभी सूचनाओं को एक क्रम में व्यवस्थित करना पड़ता है। प्रश्न में 'के बाईं ओर', 'के दाईं ओर', 'के ठीक बगल में', 'के सामने', 'के विपरीत' जैसे शब्दों का विशेष अर्थ होता है। प्रत्येक सूचना को एक-एक करके क्रमबद्ध रूप से चित्र में रखने पर पूरी व्यवस्था स्पष्ट हो जाती है और उत्तर आसानी से मिलता है।

इस अध्याय में हम बैठक व्यवस्था के प्रकार, क्रमबद्ध जानकारी का उपयोग करने की विधि और हल किए गए उदाहरणों के माध्यम से पूरे विषय को स्पष्ट करेंगे। अंत में तालिकाएँ, माइंड मैप, आरेख, सामान्य गलतियाँ और परीक्षा युक्तियाँ दी गई हैं ताकि परीक्षा से पहले त्वरित पुनरावृत्ति हो सके।

2. बैठक व्यवस्था के प्रकार

बैठक व्यवस्था के प्रश्न मुख्य रूप से निम्न प्रकार के होते हैं:

  1. एक पंक्ति में बैठना: सभी व्यक्ति एक सीध में बैठे होते हैं और उनका मुख एक ही दिशा की ओर होता है। ऐसे में बाएं और दाएं शब्द बैठने वाले की दृष्टि से लिए जाते हैं।
  2. उत्तर की ओर मुख करके पंक्ति में बैठना: सभी का मुख उत्तर की ओर होता है, अतः बाईं ओर पश्चिम और दाईं ओर पूर्व होता है।
  3. दक्षिण की ओर मुख करके पंक्ति में बैठना: मुख दक्षिण की ओर होने पर बाईं ओर पूर्व और दाईं ओर पश्चिम होता है।
  4. वृत्ताकार बैठक: सभी व्यक्ति एक गोले में बैठे होते हैं, सभी केंद्र की ओर मुख करके होते हैं। इसमें दाएं और बाएं की दिशा मुख के अनुसार बदलती है।
  5. आमने-सामने बैठक: दो पंक्तियों में व्यक्ति एक-दूसरे के सामने बैठे होते हैं, जिसमें एक पंक्ति के व्यक्ति का मुख विपरीत दिशा की ओर होता है।
  6. मिश्रित व्यवस्था: कुछ प्रश्नों में दी गई जानकारी से पूरी व्यवस्था बनानी पड़ती है, जिसमें कोई एक स्थान प्रारंभ में ज्ञात नहीं होता और पहेली हल करने जैसी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है।

मुख का नियम: जब कोई व्यक्ति उत्तर की ओर मुख करके बैठा हो तो उसका दायां हाथ पूर्व की ओर होता है। जब कोई दक्षिण की ओर मुख करके बैठा हो तो उसका दायां हाथ पश्चिम की ओर होता है। वृत्ताकार बैठक में यदि सभी केंद्र की ओर मुख करें तो दाएं और बाएं की दिशा सामान्य नियम से ली जाती है, परंतु यदि मुख बाहर की ओर हो तो दिशाएं उलट जाती हैं।

विशेष शब्द: 'ठीक बगल में' का अर्थ है पास का स्थान, 'एक स्थान छोड़कर' का अर्थ है बीच में एक व्यक्ति छोड़ना, 'तुरंत' का अर्थ है तत्काल निकट, और 'बाएं से तीसरा' का अर्थ है बाएं छोर से गिनती करके तीसरा स्थान। इन शब्दों का सही अर्थ समझे बिना व्यवस्था गलत बन सकती है।

3. क्रमबद्ध जानकारी का उपयोग

बैठक व्यवस्था के प्रश्नों को हल करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करना चाहिए:

  1. सभी सूचनाएं पढ़ें: पहले प्रश्न की सभी पंक्तियों को पढ़कर उन सूचनाओं की सूची बनाएं जो सीधे स्थान बताती हैं।
  2. निश्चित स्थान पहचानें: जो सूचना किसी व्यक्ति का स्पष्ट स्थान बताती है, उसे पहले अंकित करें। जैसे 'A सबसे बाएं है' या 'B केंद्र में है'।
  3. आसन्न संबंध जोड़ें: जैसे 'C, A के ठीक दाईं ओर है' या 'D और E पड़ोसी हैं' को क्रम में जोड़ें।
  4. विपरीत संबंध जोड़ें: जैसे 'F, G के विपरीत है' या 'H, I के सामने है' जैसी सूचनाएं वृत्ताकार या दो-पंक्ति व्यवस्था में जोड़ें।
  5. बची हुई सूचनाओं से व्यवस्था पूरी करें: यदि कोई व्यक्ति बच जाए तो उसे बचे हुए स्थान पर रखें और सभी शर्तों की जाँच करें।
  6. प्रश्न का उत्तर निकालें: पूरी व्यवस्था बनने के बाद पूछे गए व्यक्ति या स्थान को पढ़कर उत्तर दें।

संभावित व्यवस्थाएं बनाएं: कई बार दी गई सूचनाओं से दो संभावित व्यवस्थाएं बनती हैं। ऐसे में दोनों व्यवस्थाओं को बनाकर देखें कि कौन सी सभी शर्तों को पूरा करती है। यदि दोनों पूरी करती हैं तो प्रश्न के विकल्पों की सहायता से सही उत्तर चुनें।

चित्र का महत्व: बैठक व्यवस्था के प्रश्न बिना चित्र के हल करना लगभग असंभव है। रफ स्पेस में छोटे-छोटे वर्ग या वृत्त बनाकर व्यक्तियों के नाम के पहले अक्षर लिखें। चित्र जितना साफ होगा, गलती की संभावना उतनी ही कम होगी। दिशा बदलते समय तीर से मुख की दिशा भी अंकित करें।

समरूपता से बचाव: वृत्ताकार बैठक में दाएं और बाएं का अर्थ हमेशा उस व्यक्ति के मुख के सापेक्ष होता है। केंद्र की ओर मुख करके बैठे व्यक्ति के लिए उसका बायां हाथ उसकी बाईं ओर होता है, जो बाहरी दृष्टि से उल्टा दिख सकता है। इसलिए वृत्त के अंदर से देखने की बजाय व्यक्ति की दृष्टि से सोचें।

4. हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: पाँच व्यक्ति A, B, C, D और E एक पंक्ति में बैठे हैं। A सबसे बाएं है। B, C के ठीक दाईं ओर है। D, E के बाईं ओर है। यदि E सबसे दाईं ओर है तो मध्य में कौन बैठा है?

हल: A सबसे बाएं और E सबसे दाईं ओर हैं। B, C के ठीक दाईं ओर है। D, E के बाईं ओर है। क्रम बनता है: A, C, B, D, E। अतः मध्य में B है। उत्तर: B।

उदाहरण 2: चार व्यक्ति एक वृत्त में बैठे हैं, सभी केंद्र की ओर मुख करके। A, B के दाईं ओर है। C, D के बाईं ओर है। B, C के विपरीत है। बताइए D, A के किस ओर है?

हल: वृत्त में A, B के दाईं ओर, C, D के बाईं ओर और B, C के विपरीत रखने पर D, A के बाईं ओर बैठा है। उत्तर: बाईं ओर।

उदाहरण 3: छह व्यक्ति दो पंक्तियों में आमने-सामने बैठे हैं, प्रत्येक पंक्ति में तीन। A, D के सामने है। B, E के सामने है। C, F के सामने है। यदि पहली पंक्ति का क्रम A, B, C हो तो दूसरी पंक्ति का क्रम क्या होगा?

हल: आमने-सामने बैठने से A के सामने D, B के सामने E और C के सामने F बैठा है। अतः दूसरी पंक्ति का क्रम D, E, F है। उत्तर: D, E, F।

उदाहरण 4: पाँच व्यक्ति उत्तर की ओर मुख करके पंक्ति में बैठे हैं। राम बीच में बैठा है। सीता, राम के ठीक दाईं ओर है। गीता, सीता के दाईं ओर है। मोहन सबसे बाएं है। शेष स्थान पर कौन है?

हल: पंक्ति: मोहन, रवि, राम, सीता, गीता। शेष स्थान मोहन और राम के बीच में है, जहाँ रवि बैठा है। उत्तर: रवि।

उदाहरण 5: चार लड़के P, Q, R, S एक पंक्ति में बैठे हैं। P, Q के बाईं ओर है। R, S के दाईं ओर है। S, P के दाईं ओर है। बताइए सबसे बाईं ओर कौन है?

हल: P, Q के बाईं ओर है। S, P के दाईं ओर है। R, S के दाईं ओर है। अतः क्रम: P, S, R, Q। सबसे बाईं ओर P है। उत्तर: P।

5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिकाएँ

तालिका 1

शब्द अर्थ उपयोग
ठीक बगल में तत्काल पड़ोसी स्थान आसन्न
एक स्थान छोड़कर बीच में एक व्यक्ति अंतर 1 स्थान
विपरीत आमने-सामने वृत्त या दो पंक्ति
बाईं ओर तीसरा बाएं से गिनती करके तीसरा क्रम गिनती
केंद्र की ओर मुख वृत्त का अंदर दिशा नियम

तालिका 2

व्यवस्था मुख दिशा दायां बायां
पंक्ति (उत्तर मुख) उत्तर पूर्व पश्चिम
पंक्ति (दक्षिण मुख) दक्षिण पश्चिम पूर्व
वृत्त (केंद्र मुख) अंदर घड़ी की दिशा उल्टी दिशा
वृत्त (बाहर मुख) बाहर उल्टी दिशा घड़ी की दिशा

6. माइंड मैप

flowchart TD
    A[स्थिति और व्यवस्था] --> B[एक पंक्ति बैठक]
    A --> C[वृत्ताकार बैठक]
    A --> D[आमने-सामने बैठक]
    A --> E[मिश्रित व्यवस्था]
    B --> F[बाएं दाएं क्रम]
    C --> G[मुख की दिशा]
    D --> H[विपरीत स्थान]
    A --> I[निश्चित स्थान पहले]
    A --> J[आसन्न संबंध जोड़ें]
    A --> K[पूरी व्यवस्था बनाएं]
    K --> L[उत्तर निकालें]

7. महत्वपूर्ण आरेख (SVG)

एक पंक्ति में बैठक व्यवस्था A B C D E क्रम: A, B, C, D, E, सभी उत्तर की ओर मुख करके बैठे हैं C, B के दाईं ओर है; D, C के दाईं ओर है स्वर्ण नियम पंक्ति में बाएं-दाएं हमेशा बैठने वाले के मुख की दृष्टि से निर्धारित होते हैं। निश्चित स्थान पहले लिखें, फिर आसन्न संबंध क्रम में जोड़ें। उत्तर निकालने से पहले सभी शर्तों की एक बार पुष्टि करें।

वृत्ताकार बैठक व्यवस्था A B C D E F सभी सदस्य केंद्र की ओर मुख करके वृत्त में बैठे हैं केंद्र की ओर मुख करने पर बाएं और दाएं व्यक्ति के मुख के अनुसार लिए जाते हैं स्वर्ण नियम वृत्त में बाएं और दाएं हमेशा बैठने वाले के मुख के सापेक्ष निर्धारित होते हैं।

8. सामान्य गलतियाँ

  1. उत्तर की ओर मुख करके बैठे व्यक्तियों के बाएं-दाएं को दक्षिण मुख वाले के समान मान लेना, जिससे पूरी व्यवस्था उलट जाती है।
  2. 'ठीक बगल में' और 'एक स्थान छोड़कर' में अंतर न समझना, जिससे आसन्न व्यवस्था गलत बनती है।
  3. वृत्ताकार बैठक में बाहरी दृष्टि से दिशा देखना, जबकि बाएं-दाएं बैठने वाले के मुख के सापेक्ष होते हैं।
  4. दी गई सभी शर्तों की जाँच न करके पहली बनी व्यवस्था को ही अंतिम मान लेना, जबकि दूसरी व्यवस्था भी संभव हो सकती है।
  5. आमने-सामने बैठक में विपरीत पंक्ति की दिशा का ध्यान न रखना, जिससे सामने वाले व्यक्ति की स्थिति गलत हो जाती है।

9. परीक्षा युक्तियाँ

  1. हर प्रश्न में पहले सभी सूचनाओं को पढ़कर उन्हें संक्षेप में लिखें और निश्चित स्थान वाले व्यक्ति को पहले चित्र में रखें।
  2. बाएं-दाएं की दिशा के लिए हमेशा बैठने वाले का मुख निर्धारित करें; उत्तर मुख में दायां पूर्व और दक्षिण मुख में दायां पश्चिम होता है।
  3. वृत्ताकार बैठक में व्यक्ति के ठीक सामने वाला स्थान विपरीत होता है, इसलिए 'विपरीत' शब्द का तुरंत उपयोग करें।
  4. यदि दो व्यवस्थाएं संभव हों तो दोनों को बनाकर प्रश्न के विकल्पों से मिलाएं, जो विकल्प एक ही व्यवस्था से मेल खाए उसे चुनें।
  5. पूरी व्यवस्था बनाने के बाद हर शर्त को पुनः पढ़कर सत्यापित करें, इससे गलत उत्तर की संभावना नहीं रहती।

10. निष्कर्ष

स्थिति और व्यवस्था के प्रश्न पूर्णतया चित्र-आधारित होते हैं और नियमित अभ्यास से इन्हें कुछ ही सेकंड में हल किया जा सकता है। मुख की दिशा, आसन्न स्थान और विपरीत स्थान के नियमों को याद रखकर किसी भी प्रकार की बैठक व्यवस्था को आसानी से बनाया जा सकता है। यह विषय परीक्षा में पूर्ण अंक दिलाने के लिए अत्यंत सहायक है, अतः इसका विशेष अभ्यास अवश्य करें।